दर्शन अकादमी, सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों द्वारा बच्चों के कौशल को निखारा

जालंधर (कुलविंदर) :- दर्शन अकादमी, जालंधर का आज का दिन मानो प्रतिभा का महाकुंभ बन गया। विद्यालय परिसर में आयोजित विविध प्रतियोगिताओं ने ऐसा वातावरण रचा कि ज्ञान की गंगा बह निकली और सृजनशीलता का सूरज हजारों किरणों से चमक उठा। कक्षा I–II के नन्हे-मुन्ने कलाकारों ने कैलिग्राफी प्रतियोगिता में अपनी कलम को इस तरह चलाया कि अक्षर स्वयं बोल उठे और पन्ने झूमने लगे। कक्षा VI–XII के विद्यार्थियों ने अंतर्सदन लोकगीत गायन प्रतियोगिता में अपनी मधुर वाणी से ऐसा समां बाँधा कि संगीत की गूँज आकाश तक पहुँच गई और दर्शन अकादमी सुरों की वर्षा में भीग गया।

इस अवसर पर बच्चों ने पारंपरिक परिधान धारण किया।कक्षा III–V के छात्रों ने कहानी वर्णन प्रतियोगिता में अपनी कल्पनाओं को इस तरह उड़ान दी कि कहानियाँ जीवित होकर मंच पर उतर आईं और पात्र स्वयं चलने लगे। कक्षा VI–VIII के प्रतिभागियों ने वाद-विवाद प्रतियोगिता में तर्क-वितर्क की ऐसी धार दिखाई कि शब्दों ने तलवार बनकर विचारों को चीर दिया और मंच रणभूमि बन गया।कक्षा IX–XII के विद्यार्थियों ने तात्कालिक प्रतियोगिता में अपनी तत्परता और बुद्धिमत्ता से ऐसा प्रदर्शन किया कि क्षण भर में विचारों का महासागर बह निकला और श्रोताओं के मन-मस्तिष्क को भिगो डाला। सभी विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया ।प्रधानाचार्य श्री दिनेश सिंह जी ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की नींव हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से बच्चों की प्रतिभा सूरज की तरह जगमगाएगी और विद्यालय का नाम आकाशगंगा में चमकते सितारों की तरह रोशन होगा।

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