जालंधर (अरोड़ा) :- डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर के स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र विभाग के अंतर्गत कार्यरत ‘कौटिल्य अर्थशास्त्र परिषद्’ (KSE) ने भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के क्षेत्रीय संक्रियात्मक प्रभाग के सहयोग से 28 अक्टूबर, 2026 को ‘सफल योजना निर्माण के लिए सुदृढ़ सांख्यिकीय आधार : एक अनिवार्य शर्त’ विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया। इस अवसर पर भारतीय सांख्यिकी सेवा (ISS) के निदेशक सुधीर कुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। वे सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के क्षेत्रीय संक्रियात्मक प्रभाग, क्षेत्रीय कार्यालय, जालंधर से संबद्ध हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ उप-प्रधानाचार्य डॉ. के. राजीव एवं उप-प्रधानाचार्या प्रो. सोनिका दानिया के कुशल नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार खुराना तथा कौटिल्य अर्थशास्त्र परिषद् की प्रभारी डॉ. सीमा का मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ परिषद् की अध्यक्ष सलोनी कंबोज के स्वागत भाषण तथा डीएवी गान से हुआ। इसके पश्चात सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया गया। डॉ. सुरेश कुमार खुराना ने औपचारिक रूप से अतिथियों का स्वागत करते हुए मुख्य वक्ता सुधीर कुमार तथा उनके साथ उपस्थित सहायक निदेशक अरुण कुमार एवं वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी उमेश लिंबू का परिचय दिया। ये दोनों अधिकारी राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के क्षेत्रीय संक्रियात्मक प्रभाग, क्षेत्रीय कार्यालय, जालंधर से संबद्ध हैं। कार्यवाहक प्रधानाचार्य डॉ. कुँवर राजीव ने अपने उद्घाटन संबोधन में मुख्य वक्ता का स्वागत किया तथा विद्यार्थियों को निरंतर ज्ञान अर्जित करने और सीखने की प्रक्रिया जारी रखने के लिए
प्रेरित किया। सुधीर कुमार ने अपने व्याख्यान में कृषि सांख्यिकी के महत्त्व, भारत की सांख्यिकीय व्यवस्था, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की स्थापना तथा योजना निर्माण एवं नीतिगत निर्णयों के लिए विश्वसनीय आँकड़े उपलब्ध करवाने में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की भूमिका पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला।




उन्होंने अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी के क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार के अवसरों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के विषय में भी महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी मानसिक बाधाओं को दूर करने तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। निरंतर प्रयास एवं दृढ़ संकल्प के महत्त्व पर बल देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को इस विचार से प्रेरित किया कि ‘यदि वे यह कर सकते हैं, तो मैं क्यों नहीं?’ इस व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों को सांख्यिकी, आर्थिक योजना निर्माण तथा व्यावसायिक विकास के व्यावहारिक पक्षों की महत्त्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम का समापन कौटिल्य अर्थशास्त्र परिषद् की प्रभारी डॉ. सीमा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य वक्ता, प्रधानाचार्य, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक वर्ग, विद्यार्थियों तथा परिषद् के सदस्यों के प्रति उनके सहयोग एवं योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में परिषद् की टीम के सदस्यों अंकुर अरोड़ा, सलोनी कंबोज, मोनिका प्रमाणिक, जपजी कौर, सिदकजोत कौर, उदित भल्ला तथा अमनप्रीत कौर ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। यह आयोजन स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र विभाग एवं कौटिल्य अर्थशास्त्र परिषद् की विद्यार्थियों को सार्थक शैक्षणिक अनुभव, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन तथा व्यावसायिक विकास के अवसर उपलब्ध करवाने की प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करता है। प्राध्यापक वर्ग ने इस विशेषज्ञ व्याख्यान के आयोजन की अनुमति प्रदान करने के लिए प्रधानाचार्य डॉ. अनूप कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. अनूप कुमार ने कहा कि डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर अपने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है तथा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य एवं व्यावसायिक विकास के लिए हर संभव प्रयास करता रहेगा। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक चर्चा आयोजित करने हेतु अर्थशास्त्र विभाग के समर्पित एवं सराहनीय प्रयासों की प्रशंसा की।
Jiwanjot Savera