विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस समारोह तथा इंस्टीट्यूशनल डिजिट्ल रिपॉजिटरी (आईडीआर) का शुभारंभ

जालंधर (अरोड़ा) :- विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस के उपलक्ष्य में लाजपत राय पुस्तकालय, डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर द्वारा विद्यार्थियों में पठन-पाठन की संस्कृति विकसित करने, पुस्तकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा बौद्धिक संपदा के प्रति सम्मान की भावना जागृत करने हेतु एक प्रेरणादायी एवं सारगर्भित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में ‘बुक बडीज़ क्लब’ के सदस्यों, वरिष्ठ माध्यमिक एवं महाविद्यालय के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों तथा पुस्तकालय कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पुस्तकालयाध्यक्षा श्वेता आज़ाद ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कॉपीराइट की अवधारणा, उसके ऐतिहासिक विकास तथा वर्तमान डिजिट्ल युग में उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बौद्धिक संपदा का सम्मान करने एवं सूचनाओं के नैतिक उपयोग को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। विद्यार्थियों को मौलिक रचनाओं के सम्मान तथा कॉपीराइट कानूनों की समझ के महत्व से अवगत कराया गया। प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को नियमित पठन की आदत विकसित करने तथा पुस्तकालय संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु पुस्तकालय विभाग की प्रशंसा करते हुए उन्हें बधाई दी। प्रो. शरद मनोचा ने अपने ज्ञानवर्धक वक्तव्य में महान् साहित्यकार विलियम शेक्सपियर के जीवन एवं साहित्यिक योगदान पर महत्वपूर्ण विचार सांझा किए तथा रोचक प्रसंगों के माध्यम से विद्यार्थियों को कार्यक्रम से भावनात्मक रूप से जोड़े रखा। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महाविद्यालय पुस्तकालय की इंस्टीट्यूशनल डिजिट्ल रिपॉजिटरी प्रणाली (आईडीआर) का औपचारिक शुभारंभ रहा। प्राचार्य के प्रगतिशील मार्गदर्शन में विकसित इस आईडीआर का उद्देश्य संस्थान के बौद्धिक एवं शैक्षणिक कार्यों तक सुव्यवस्थित तथा सुलभ पहुँच प्रदान करना है। इसमें शोध पत्र, परियोजनाएँ, दुर्लभ पुस्तकें, महत्वपूर्ण गतिविधियों के अभिलेख तथा प्राध्यापकों के प्रकाशन सम्मिलित किए गए हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ उप-प्राचार्य डॉ. कुॅंवर राजीव, उप-प्राचार्या प्रो. सोनिका दानिया, प्रो. शरद मनोचा के अतिरिक्त डॉ. सुमित, प्रो. मंजीत सिंह तथा डॉ. गुरजीत कौर की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान पंजाबी विभाग की डॉ. गुरजीत कौर द्वारा लिखित पुस्तक “गुरु दी गरिमा: सतीश कुमार वर्मा” का भी विमोचन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्य को सफल बनाने में पुस्तकालय कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा। विशेष रूप से अरुण पराशर, राम चंद्र, चंदन नेगी, मनबर सिंह, शबनम देवी, सुरिंदर कुमारी, अविनाश, राहुल तथा दीपू ने अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान किया।

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