जालंधर (अरोड़ा) :- पंजाबी साहित्य सभा के तत्वावधान में 13 अगस्त 2026 को महाविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए विशेष पुस्तकालय भ्रमण का आयोजन किया गया। पंजाबी साहित्य सभा के प्रभारी डॉ. कवलजीत ने विद्यार्थियों को पुस्तकालय के पंजाबी अनुभाग में उपलब्ध विभिन्न विधाओं एवं विषयों से संबंधित पुस्तकों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय के पुस्तकालय में कुल दो लाख से अधिक पुस्तकें उपलब्ध हैं, जिनमें लगभग 53,790 पुस्तकें भाषा एवं साहित्य से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि इतनी समृद्ध पुस्तक-संपदा किसी विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में होना सामान्य बात हो सकती है, किंतु महाविद्यालय के पुस्तकालय में इतनी विशाल साहित्यिक एवं ज्ञान-संपदा का होना गर्व का विषय है। विद्यार्थियों को पुस्तकों के अध्ययन के लिए प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि साहित्य के अध्ययन से मनुष्य की समझ व्यापक एवं गहन होती है तथा उसकी संवेदनशीलता का विकास होता है।




पंजाबी विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजन शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थी सामाजिक माध्यमों पर अधिक सक्रिय रहते हैं, जिसके कारण उनके पास पुस्तकालय जाकर अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय नहीं रहता। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी नियमित रूप से पुस्तकालय जाने और पुस्तकों के अध्ययन की आदत विकसित करें, तो वे पुस्तकों से उचित मार्गदर्शन प्राप्त कर समाज के निर्माण एवं विकास में सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार ने पंजाबी साहित्य सभा की इस पहल की सराहना करते हुए विद्यार्थियों तथा विभाग को शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर महाविद्यालय की पुस्तकालयाध्यक्षा श्वेता आज़ाद ने विद्यार्थियों को क्रमबद्ध ढंग से यह समझाया कि पुस्तकालय में अपनी आवश्यकता के अनुरूप पुस्तकों को किस प्रकार खोजा जा सकता है। इस विशेष पुस्तकालय भ्रमण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
Jiwanjot Savera