जालंधर (मक्कड़) :- पिम्स जालंधर में भारतीय सेना के प्रतिष्ठित अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल अजय चांदपुरिया, AVSM, VSM द्वारा छात्रों एवं स्टाफ के लिए एक प्रेरणादायक व्याख्यान एवं जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।
सत्र का केंद्र बिंदु आत्म-सशक्तिकरण, उत्कृष्ट नेतृत्व और भारतीय सेना में प्रतिष्ठित करियर अवसर रहा। जनरल चांदपुरिया ने अपने प्रभावशाली वास्तविक अनुभव साझा करते हुए अनुशासन, समर्पण, साहस और नैतिक मूल्यों को नेतृत्व के मुख्य स्तंभ बताया।
चिकित्सा और पैरामेडिकल छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने सशस्त्र बलों में चिकित्सा पेशेवरों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज (AFMS) के माध्यम से उपलब्ध करियर अवसरों, जैसे शॉर्ट सर्विस कमीशन और परमानेंट कमीशन की जानकारी दी।




उन्होंने एमबीबीएस छात्रों और युवा प्रतिभाओं को मजबूत नेतृत्व क्षमता, मानसिक दृढ़ता और राष्ट्र सेवा की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आत्म-सशक्तिकरण की शुरुआत आत्म-विश्वास, निरंतर सीखने और मानवता की सेवा के संकल्प से होती है।
सत्र अत्यंत परस्पर संवादात्मक रहा जिसमें छात्रों ने सैन्य जीवन, करियर विकास, चुनौतियों तथा राष्ट्र निर्माण में भारतीय सेना के योगदान को लेकर उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और चर्चा में भाग लिया।
इस अवसर पर ब्रिगेडियर डॉ. नवरीत सिंह (भारतीय सेना), डॉ. कंवलजीत सिंह (एक्जीक्यूटिव चेयरमैन, पिम्स), डॉ. राजीव अरोड़ा (डायरेक्टर प्रिंसिपल, पिम्स), डॉ. नेहा बत्रा, डॉ. रवजीत कौर,श्रीमती प्रीती संधू एवं अन्य फैकल्टी सदस्य भी उपस्थित थे।
पिम्स प्रबंधन ने लेफ्टिनेंट जनरल चांदपुरिया के मूल्यवान समय और प्रेरणादायक विचारों के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिसने छात्रों और स्टाफ दोनों पर गहरा प्रभाव छोड़ा। संस्थान ने छात्रों को विविध करियर विकल्पों और नेतृत्व विकास के अवसरों से अवगत कराने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।
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