जालंधर (अरोड़ा) :- हंस राज महिला महाविद्यालय, जालंधर ने एक बार फिर से अकादमिक इनोवेशन व ससटेनेबिलिटी के क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। एचएमवी को नैशनल एजुट्रस्ट ऑफ इंडिया की ओर से ओवरआल ससटेनेबिलिटी एक्सीलैंस अवार्ड 2025-26 प्रदान किया गया। एचएमवी ने पर्यावरण के प्रति समर्पण के क्षेत्र में पूरे भारत के संस्थानों को पीछे छोड़ते हुए यह अवार्ड प्राप्त किया। प्राचार्या प्रो. डॉ. अजय सरीन की अध्यक्षता में कालेज ने विभिन्न अवार्ड श्रेणियों में भी अवार्ड प्राप्त किए जिनमें जीरो वेस्ट कैंपस अवार्ड 2025-26, ग्रीन कैंपस अवार्ड 2025-26, वाटर गार्डियंस अवार्ड 2025-26, ससटेनेबल एंट्रेप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन अवार्ड 2025-26 शामिल हैं। इन सम्मानों के साथ एचएमवी को ओवरआल स्टेट एक्सीलैंस का टाइटल प्रदान किया गया है जिसमें एचएमवी पंजाब का सर्वश्रेष्ठ संस्थान बन गया। इस दौरान प्राचार्या प्रो. डॉ. अजय सरीन को बेस्ट प्रिंसिपल 2025-26 का अवार्ड ऑफ आनर भी प्रदान किया गया। यह अवार्ड उनकी डायनैमिक लीडरशिप, समर्पण व उनके प्रयासों के लिए दिया गया। डॉ. सरीन ने सदा ही रियल-वल्र्ड स्किल को अकादमिक प्रशिक्षण के साथ जोडऩे की कोशिश की है ताकि हमारी युवा पीढ़ी देश के जिम्मेदार नागरिक बन सके। फैकल्टी सदस्य डॉ. अंजना भाटिया को भी अवार्ड आफ आनर 2025-26 प्रदान किया गया। इस अवसर पर डीएवी प्रबन्धकत्र्री समिति के प्रधान पदमश्री डॉ. पूनम सूरी ने डॉ. सरीन को बधाई दी। उन्होंने यह विश्वास जताया कि कालेज दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करता रहेगा। प्राचार्या डॉ. सरीन ने नेशनल एजुट्रस्ट ऑफ इंडिया के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने डीएवी कालेज प्रबंधकत्र्री समिति के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. पूनम सूरी, डायरैक्टर उच्च शिक्षा विभाग डीएवी कालेज प्रबंधकत्र्री समिति शिव रमन गौड़, आई.ए.एस. (रिटा.), लोकल एडवाइजरी कमेटी के चेयरमैन जस्टिस (रिटा.) एन.के. सूद व सभी सदस्यों का निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह अवार्ड केवल मेरा नहीं है बल्कि कालेज के समर्पित टीचिंग व नॉन-टीचिंग स्टाफ का है जिनकी मेहनत के कारण यह अवार्ड प्राप्त हुआ। हंसराज महिला महाविद्यालय ने पूरे भारत की सभी शैक्षणिक संस्थाओं के सामने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
Check Also
मेयर वर्ल्ड स्कूल में अंतर-सदनीय हिंदी कहानी बुनना प्रतियोगिता आयोजित
जालंधर (अरोड़ा) :- नन्हे विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रचनात्मकता, कल्पनाशीलता तथा अभिव्यक्ति कौशल …
Jiwanjot Savera