जालंधर (कुलविंदर) :- शिक्षकों के व्यावसायिक विकास और मूल्यांकन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से दर्शन एकेडमी, जालंधर में एक दिवसीय आंतरिक कार्यशाला (Internal Workshop) का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य विषय प्रश्न पत्र निर्माण और मूल्यांकन (Question Paper Setting and Evaluation) था, जिसमें विद्यालय के सभी शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शैक्षणिक मानकों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के दिशानिर्देशों और ब्लूम्स टैक्सोनॉमी (Blooms Taxonomy) के आधार पर संतुलित व गुणवत्तापूर्ण प्रश्न पत्र तैयार करने की तकनीकों से अवगत कराना था।


शिक्षकों को सिखाया गया कि कैसे ज्ञान, समझ, अनुप्रयोग और विश्लेषणात्मक कौशल को मापने वाले प्रश्नों का एक सही मिश्रण तैयार किया जाए। कॉपियों की जाँच (Evaluation) के दौरान पारदर्शिता और सटीकता बनाए रखने के लिए विस्तृत मार्किंग स्कीम (अंक योजना) बनाने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यशाला में इस बात पर चर्चा की गई कि परीक्षा का उद्देश्य छात्रों में डर पैदा करना नहीं, बल्कि उनकी सीखने की क्षमता का सही आकलन करना होना चाहिए। विद्यालय प्रधानाचार्य दिनेश सिंह जी ने इस अवसर पर कहा कि एक बेहतरीन प्रश्न पत्र वही है जो रटने की प्रवृत्ति को छोड़ छात्रों की तार्किक और रचनात्मक सोच को बढ़ावा दे। इस तरह की कार्यशालाएं हमारे शिक्षकों को वैश्विक शिक्षण मानकों के अनुरूप अपडेट रखने में मदद करती हैं।
Jiwanjot Savera