खालसा यूनिवर्सिटी में एक दिवसीय उच्च शिक्षा नीति सम्मेलन आयोजित
जालंधर (अरोड़ा) :- पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने आज उच्च शिक्षा संस्थानों को नई तकनीकों, बदलती आर्थिक परिस्थितियों और उभर रही सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए सामूहिक रूप से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नई बदलावों को अपनाते हुए संस्थानों को अपनी मूल्यों और शिक्षा के बुनियादी लक्ष्यों को नहीं भूलना चाहिए। इन शब्दों का प्रकटाव खालसा यूनिवर्सिटी में आज कटारिया ने ‘उच्च शिक्षा नीति: नेविगेटिंग ग्लोबल चुनौतियां और राष्ट्रीय प्राथमिकताएं’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए वैश्विक स्तर पर उभर रहे बदलावों के संबंध में तैयार-बर-तैयार रहने का आह्वान करते हुए किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा को समावेशी विकास, सामाजिक समानता और रोजगार पैदा करने को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। यूनिवर्सिटी द्वारा उक्त कार्यक्रम भारत और दुनिया भर में उच्च शिक्षा के विकसित हो रहे नए कीर्तिमानों को ध्यानपूर्वक देखने के लिए प्रमुख विद्वानों, शिक्षा शास्त्रियों, नीति निर्माताओं के साथ बातचीत करने संबंधी आयोजित किया गया था। सम्मेलन शुरू होने से पहले राज्यपाल ने ऐतिहासिक खालसा कॉलेज और खालसा यूनिवर्सिटी कैंपस की विरासत इमारत का दौरा किया और सिख इतिहास शोध केंद्र में लंबा समय बिताया, जहां उन्होंने शोध आधारित और सिख विरासत से संबंधित किताबों और म्यूजियम में सुसज्जित पांडुलिपियों को देखा। इससे पहले उन्होंने खालसा यूनिवर्सिटी के विज़िटर के रूप में यूनिवर्सिटी के प्रो-चांसलर स. रजिंदर मोहन सिंह छीना, खालसा यूनिवर्सिटी के उप कुलपति डॉ. मेहल सिंह, रजिस्ट्रार डॉ. खुशविंदर कुमार और यू.जी.सी. की ओर से संयुक्त सचिव डॉ. अमोल एम. अंधारे से यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक और अकादमिक कार्यों संबंधी जानकारी प्राप्त की। इस मौके कटारिया ने अपने भाषण के दौरान खालसा यूनिवर्सिटी प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि खालसा कॉलेज सोसायटी जो कि 140 वर्षों से शिक्षा प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रही है, प्रोफेशनल कॉलेजों, यूनिवर्सिटी और स्कूल चलाकर समाज सेवा के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार शिक्षा नीति में राष्ट्रीय स्तर पर बड़े बदलाव हो रहे हैं, जिसे अपनाकर उच्च शिक्षा संस्थान विद्यार्थियों को बहु-अनुशासनी और सरल शिक्षा के अवसर प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा में डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑनलाइन शिक्षण मंचों की बढ़ती भूमिका को अपनाने पर भी जोर दिया। इस मौके स. छीना ने अपने स्वागत भाषण में जहां राज्यपाल का स्वागत किया, वहीं उन्होंने उच्च शिक्षा में उभर रही चुनौतियों और उच्च शिक्षा के गिरते स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त की।



उन्होंने कहा कि शिक्षा कोई व्यापार नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज निर्माण के लिए माध्यम है। उन्होंने कहा कि सोसायटियों और ट्रस्टों द्वारा चलाए जा रहे यूनिवर्सिटी और कॉलेज दशकों से बहुमूल्य शिक्षा प्रदान कर रहे हैं, जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम है। इस मौके डॉ. महल सिंह ने कहा कि यूनिवर्सिटी ने उक्त विषय पर अकादमिक सत्र 2026-27 की शुरुआत से पहले अपनी इस पहली सम्मेलन आयोजित करके एक पहल की है, जिसका उद्देश्य अकादमिक उत्कृष्टता, नवाचार और प्रोफेशनल शिक्षा को प्रोत्साहित करना है। इस मौके डॉ. अंधारे ने कहा कि हमें ऐसी संस्थाओं का पालन-पोषण करना चाहिए जो समाज और राष्ट्र की बदलती जरूरतों के प्रति सक्रिय होकर इनके समाधान तलाशें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह सम्मेलन खालसा यूनिवर्सिटी के शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के दृष्टिकोण को दर्शाता है। इस मौके खालसा यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार और डीन फैकल्टी ऑफ एजुकेशन डॉ. खुशविंदर कुमार, जिन्होंने इस सम्मेलन को आयोजित करने में अपनी अहम भूमिका निभाई, ने इस कार्यक्रम के उद्देश्यों को उजागर करते हुए कहा कि सम्मेलन में शैक्षणिक विशेषज्ञों द्वारा नई शिक्षा नीति को अपनाने संबंधी जानकारी साझा की गई। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा को मौजूदा चुनौतियों के लिए रणनीतियां तैयार करने हेतु यह सम्मेलन साझा प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा।


इस मौके डीन अकादमिक डॉ. सुरिंदर कौर ने अपने धन्यवाद प्रस्ताव में राज्यपाल, विशेष अतिथियों, प्रतिभागियों और विभिन्न यूनिवर्सिटियों के वाइस चांसलर्स जिनमें गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के उप कुलपति डॉ. करमजीत सिंह, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के उप कुलपति डॉ. जसपाल सिंह संधू, महाराजा रणजीत सिंह पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, बठिंडा के उप कुलपति प्रो. (डॉ.) संजीव शर्मा, सरदार बेअंत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी, गुरदासपुर के उप कुलपति प्रो. (डॉ.) सुशेंदर कुमार मिश्रा, सरकारी कॉलेज गुरदासपुर से प्रिंसिपल प्रो. (डॉ.) अश्वनी भल्ला और खालसा कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आत्म सिंह रंधावा ने भाग लिया और विभिन्न अकादमिक विषयों पर चर्चा का नेतृत्व किया। इस मौके डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह, पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर, एसडीएम मैडम अलका कालिया, काउंसिल के उपाध्यक्ष स. स्विंदर सिंह कंथूनंगल, जॉइंट सचिव स. गुनबीर सिंह, स. राजबीर सिंह, स. संतोष सिंह सेठी, स. लखविंदर सिंह ढिल्लों, स. परमजीत सिंह बल्ल, स. गुरप्रीत सिंह गिल के अलावा खालसा संस्थानों के विभिन्न प्रिंसिपल, डायरेक्टर और अन्य कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
JiwanJotSavera