जालंधर (अरोड़ा) :- डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) समन्वयक डॉ. साहिब सिंह ने चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में आयोजित दो-दिवसीय राज्य स्तरीय एनएसएस सम्मेलन में सहभागिता की। इस सम्मेलन में पंजाब तथा चंडीगढ़ के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से 250 से अधिक एनएसएस समन्वयक तथा कार्यक्रम अधिकारी सम्मिलित हुए। इन सभी को राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत उनके सक्रिय योगदान को मान्यता प्रदान करने हेतु आमंत्रित किया गया था। गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (जीएनडीयू) से संबद्ध महाविद्यालयों के प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के एनएसएस समन्वयक डॉ. बलबीर सिंह के नेतृत्व में सम्मेलन में भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य एनएसएस पदाधिकारियों द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों को सम्मानित करना तथा समकालीन परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय सेवा योजना की बदलती भूमिका के प्रति प्रतिभागियों को जागरूक करना था। इस अवसर पर ‘विकसित भारत @2047’ के दृष्टिकोण पर विशेष बल दिया गया। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता मुख्य अतिथि के रूप में प्रेरणा पुरी (आईएएस), सचिव, शिक्षा विभाग, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ द्वारा की गयी।





कार्यक्रम में उपस्थित अन्य विशिष्ट अतिथियों में जय भगवान, क्षेत्रीय निदेशक, एनएसएस चंडीगढ़ (युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार); रविराजा एन. सीताराम, कुलपति, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय; डॉ. नेमी चंद गोलिया, राज्य एनएसएस अधिकारी (चंडीगढ़); तथा रूपिंदर कौर, राज्य एनएसएस अधिकारी (पंजाब) सम्मिलित थे। एनएसएस निदेशालय, नई दिल्ली से युवा अधिकारी कोमल सिंह चौधरी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समापन समारोह में चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति प्रो. (डॉ.) आर.एस. बावा ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। सम्मेलन के अंतर्गत तकनीकी सत्र, पैनल परिचर्चाएँ तथा संवादात्मक कार्यशालाएँ आयोजित की गईं। इन सत्रों का केंद्र एनएसएस के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु सर्वोत्तम कार्य-प्रणालियाँ, नवीन दृष्टिकोण तथा विभिन्न चुनौतियाँ रहीं। प्रमुख विषयों में युवा नेतृत्व विकास, सामुदायिक सहभागिता, पर्यावरणीय स्थिरता तथा राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप एनएसएस गतिविधियों के समन्वय पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने जमीनी स्तर पर प्रभाव को अधिकतम करने हेतु समन्वय तंत्र को सुदृढ़ करने, संस्थागत क्षमता में वृद्धि करने तथा प्रभावी निगरानी एवं प्रतिवेदन प्रणाली स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. साहिब सिंह ने सम्मेलन की कार्यवाही में सक्रिय रूप से भाग लिया तथा इसे एक स्मरणीय एवं ज्ञानवर्धक अनुभव बताया। महाविद्यालय लौटने के पश्चात उन्होंने अपने अनुभव प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार के साथ सांझा किये तथा सम्मेलन में भाग लेने से पूर्व प्राप्त प्रोत्साहन एवं प्रेरणा के लिए उनका आभार व्यक्त किया। प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार ने डॉ. साहिब सिंह को हार्दिक बधाई दी तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रति उनके समर्पण की प्रशंसा की।
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