सी टी यूनिवर्सिटी ने 12वीं के बाद विद्यार्थियों के लिए 3-सप्ताहीय फाउंडेशन कार्यक्रम शुरू किया

साइकोमेट्रिक परीक्षण एवं व्यक्तिगत करियर मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को सही करियर चुनने में सहायता
एआई, साइबर सुरक्षा, कौशल विकास, विदेशी भाषाओं एवं उद्योग-तैयारी पर विशेष फोकस

जालंधर (अरोड़ा) :- सी टी यूनिवर्सिटी ने 12वीं के बाद विद्यार्थियों के लिए एक व्यापक करियर मार्गदर्शन एवं विकास पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को सही करियर दिशा चुनने तथा भविष्य के लिए तैयार पेशेवर बनाना है। इस पहल के अंतर्गत विश्वविद्यालय ने निम्न सुविधाएँ प्रारम्भ की हैं:

  • साइकोमेट्रिक मूल्यांकन एवं करियर काउंसलिंग
  • 3-सप्ताहीय फाउंडेशन कार्यक्रम
  • औद्योगिक अनुभव एवं कौशल-आधारित शिक्षण
  • व्यक्तित्व विकास एवं संचार प्रशिक्षण
  • विदेशी भाषाओं का परिचय
  • एआई, साइबर सुरक्षा, ड्रग एनालिटिक्स एवं उभरती प्रौद्योगिकियों में व्यावहारिक प्रशिक्षण
    साइकोमेट्रिक मूल्यांकन के माध्यम से विद्यार्थियों की क्षमताओं, रुचियों, व्यक्तित्व विशेषताओं, छिपी प्रतिभाओं एवं उपयुक्त करियर विकल्पों की पहचान विशेषज्ञ मार्गदर्शन तथा व्यक्तिगत काउंसलिंग सत्रों द्वारा की जाएगी। 3-सप्ताहीय फाउंडेशन कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव, आत्मविश्वास निर्माण, संचार कौशल तथा वास्तविक उद्योगों एवं कार्यस्थल की समझ प्रदान करने हेतु तैयार किया गया है। यह कार्यक्रम ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों में उपलब्ध रहेगा। विश्वविद्यालय परिसर में ऑफलाइन कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को आवास, मार्गदर्शन, सुरक्षा एवं परिसर सहभागिता से संबंधित सहयोग भी प्रदान किया जाएगा। यह पहल विद्यार्थियों को विद्यालय जीवन से विश्वविद्यालय जीवन में सहज परिवर्तन करने में सहायता करेगी तथा करियर भ्रम, संचार बाधाओं, आत्मविश्वास की कमी एवं भावनात्मक अनिश्चितताओं जैसी चुनौतियों को दूर करने पर भी केंद्रित है। फाउंडेशन कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को “शाइनिंग स्टार सम्मान” से भी सम्मानित किया जाएगा, जो उनकी सहभागिता, सीखने की उपलब्धियों एवं व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता को मान्यता देगा।
    इस पहल पर बोलते हुए सरदार चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा:
    “हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी वास्तविक क्षमता पहचानने में सहायता करना तथा व्यावहारिक शिक्षण, करियर मार्गदर्शन एवं औद्योगिक अनुभव के माध्यम से उन्हें वास्तविक जीवन की सफलता के लिए तैयार करना है।”
    डॉ. मनबीर सिंह ने कहा:
    “यह पहल शिक्षा एवं उद्योग के बीच की दूरी को कम करती है तथा विद्यार्थियों को उनके शैक्षणिक सफर की शुरुआत से ही भविष्य-केंद्रित क्षेत्रों एवं कौशल-आधारित शिक्षण का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती है।” इस पहल के माध्यम से सी टी यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के बीच करियर योजना, साइकोमेट्रिक विश्लेषण, व्यावहारिक शिक्षण एवं उद्योग-उन्मुख शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने का उद्देश्य रखती है।

Check Also

पी सी एम एस डी कॉलेजिएट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों ने 10+2 बोर्ड परीक्षाओं 2025–26 में शानदार प्रदर्शन किया

जालंधर (तरुण) :- पी सी एम एस डी कॉलेजिएट सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने शैक्षणिक सत्र …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *