जालंधर,1 अगस्त (अरोड़ा) : समाज सेवक राजन गुप्ता ने कहा कि अस्पतालों में आक्सीजन मशीन की बजाय सिलेंडरों से सप्लाई कहीं अधिक विश्वसनीय है। मशीन का कॉन्सेप्ट आने से पहले तमाम तरह के सरकारी तथा निजी अस्पतालों में सिलेंडरों के माध्यम से ही ऑक्सीजन की सप्लाई दी जाती रही है। जिसमें अभी तक किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आई। इस संबंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति में राजन गुप्ता ने बताया कि मशीन से ऑक्सीजन की सप्लाई के दौरान कई ऐसे गतिरोध है,जो इसमें बाधा बन सकते हैं। जबकि ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई सीधे मरीज तक पहुंचती है। इसमें किसी तरह का गतिरोध नहीं होता। सिविल अस्पताल में हुए हादसे को लेकर राजन गुप्ता ने कहा कि इस पर गहनता के साथ विचार किए जाने की जरूरत है। जिससे कि भविष्य में इस तरह की घटना ना हो सके। ऐसे में सरकार तथा प्रशासन को गैस मशीन तथा सिलेंडर के माध्यम से ऑक्सीजन की सप्लाई की विश्वसनीयता पर विचार करते हुए ऑक्सीजन मशीन को विकल्प के रूप में इस्तेमाल होना चाहिए। जबकि प्राथमिक रूप से ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए सिलेंडर ही सबसे बेहतर विकल्प है। राजन गुप्ता ने कहा ऑक्सीजन मशीन की प्योरिटी ऑक्सीजन सिलेंडर की अपेक्षा कम होती है जिससे वेंटिलेटर मशीन चलाने में दिक्कत रहती है और इन मशीनों की मेंटेनेंस भी समय-समय पर नहीं होती है जिससे समस्या उत्पन्न होती है।
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