डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर में 14-दिवसीय ‘हरित भारत प्रभाव चुनौती’ का समापन

जालंधर (अरोड़ा) :- डी.ए.वी.कॉलेज, जालंधर के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ द्वारा 14-दिवसीय ‘हरित भारत प्रभाव चुनौती’ का सफलतापूर्वक समापन किया गया। यह पहल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक न्यास के सहयोग से आरंभ की गई थी, जो भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत पंजीकृत संस्था है। इस 14-दिवसीय कार्यक्रम के समापन सत्र में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम का शुभारंभ डी.ए.वी. गीत के सामूहिक गायन से हुआ। इसके उपरांत प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार ने औपचारिक रूप से हरित प्रतिबद्धता घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर किए, जो पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति संस्थान की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है। अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ की अधिष्ठाता डॉ. शरणजीत संधू ने इस चुनौती की 14-दिवसीय परिवर्तनकारी यात्रा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। प्राचार्य महोदय ने छात्रों तथा कार्यक्रम से जुड़े सभी सदस्यों को इस चुनौती को सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर बधाई दी तथा युवाओं को एक स्वच्छ, हरित एवं विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने प्लास्टिक प्रदूषण रोकने, जल संरक्षण, वृक्षारोपण, परिसर की स्वच्छता तथा अपशिष्ट के उचित निपटान के महत्व पर विशेष बल दिया। साथ ही उन्होंने आधुनिक यांत्रिक उपायों पर अत्यधिक निर्भरता के स्थान पर पारंपरिक तथा प्रकृति-अनुकूल जीवन पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।

इस अवसर पर चुनौती के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले हरित योद्धाओं को सम्मानित करने हेतु पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। डी.ए.वी. महाविद्यालय, जालंधर को स्थायी परिसर पुरस्कार–2026 तथा प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार को पर्यावरण-दृष्टि नेतृत्व पुरस्कार–2026 से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त स्थायी मार्गदर्शक पुरस्कार–2026 नोडल अधिकारी डॉ. शरणजीत संधू एवं समन्वयक डॉ. नवजीत शर्मा तथा डॉ. कोमल अरोड़ा को प्रदान किए गए। यह सम्मान उन्हें इस चुनौती को प्रभावशाली बनाने में उनके उत्कृष्ट समन्वय एवं महत्वपूर्ण योगदान हेतु प्रदान किया गया। कार्यक्रम में भाग लेने वाले 30 सक्रिय प्रतिभागियों को स्थायी चैंपियन पुरस्कार–2026 से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान पर्यावरण-अनुकूल कार्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा स्थायी जीवनशैली के प्रचारक के रूप में कार्य करने हेतु प्रदान किया गया। ऊर्जा संरक्षण विषय पर आयोजित ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी तथा हरित समाधानों पर आधारित प्रस्तुति प्रतियोगिता के विजेताओं को भी योग्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. मनप्रीत कौर द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन समन्वयक डॉ. कोमल अरोड़ा द्वारा प्रस्तुत औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने इस 14-दिवसीय कार्यक्रम के दौरान योगदान देने वाले सभी छात्र प्रतिभागियों, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के सदस्यों तथा विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने गैर-शिक्षण कर्मचारियों द्वारा प्रदान किए गए तकनीकी सहयोग की भी सराहना की। इस अवसर पर डॉ. रीना देवी, डॉ. लवलीन, डॉ. साहिब सिंह, डॉ. शिवानी वर्मा, डॉ. कोमल नारंग तथा प्रो. कुलदीप खुल्लर ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा में वृद्धि की।

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