डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर ने विश्व कथा दिवस तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस मनाया

जालंधर (अरोड़ा) :- डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर के स्नातकोत्तर अंग्रेज़ी विभाग ने आज एक विशिष्ट द्वैध अवसर—विश्व कथा दिवस तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस—का उत्सव मनाकर परिसर को सृजनशीलता एवं उल्लास का केंद्र बना दिया। इस कार्यक्रम में एक आकर्षक कथा-वाचन प्रतियोगिता तथा विशेष रूप से निर्मित “प्रसन्नता दीवार” सम्मिलित थी, जिसे
विद्यार्थियों के मध्य भावनात्मक अभिव्यक्ति एवं कल्पनाशील चिंतन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। कथा-वाचन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विविध विधाओं की सुसंगठित एवं प्रभावपूर्ण कथाएँ प्रस्तुत कीं, जिनसे उनके
वक्तृत्व कौशल एवं सृजनात्मक गहनता का उत्कृष्ट प्रदर्शन हुआ। कार्यक्रम का सुव्यवस्थित संचालन अंग्रेज़ी संगोष्ठी की
अध्यक्षा डॉ. प्रदीप कौर राजपाल द्वारा, अंग्रेज़ी विभाग की विभागाध्यक्षा प्रो. श्रीमती सोनिका दानिया के रणनीतिक
मार्गदर्शन में किया गया। प्रस्तुतियों का मूल्यांकन एक प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल द्वारा किया गया, जिसमें अंग्रेज़ी विभाग के पूर्व प्रख्यात सदस्य सम्मिलित थे—
डॉ. रेनू गुप्ता
प्रो. अर्चना ओबेरॉय

निर्णायकों ने प्रतिभागियों की श्रोताओं को आकर्षित बनाए रखने की क्षमता की सराहना करते हुए यह अभिमत व्यक्त किया
कि कथा-वाचन मानवीय संबंधों को सुदृढ़ करने के सर्वाधिक प्रभावशाली माध्यमों में से एक है। अनेक प्रभावशाली प्रस्तुतियों के उपरांत निम्नलिखित विजेताओं की घोषणा की गई—
प्रथम पुरस्कार: तुषार चड्ढा (एम.ए. अंग्रेज़ी-प्रथम वर्ष)
द्वितीय पुरस्कार: दिविशी (एम.ए. अंग्रेज़ी-प्रथम वर्ष)
तृतीय पुरस्कार: रिया (बी.बी.ए.-तृतीय वर्ष)
प्रोत्साहन पुरस्कार: प्रियंका तिवारी (बी.एससी.) एवं तरनप्रीत कौर (बी.ए.-प्रथम वर्ष)

दिन का एक प्रमुख आकर्षण “प्रसन्नता दीवार” रही, जो एक अंतःक्रियात्मक स्थापना थी, जहाँ विद्यार्थियों एवं संकाय
सदस्यों ने अपने विचार, अनुभूतियाँ तथा कृतज्ञता-संदेश अभिलिखित किए। इस पहल का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य एवं
सामूहिक सकारात्मकता को प्रोत्साहित करना था, जो अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस की भावना के अनुरूप है। प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार ने कार्यक्रम स्थल का अवलोकन किया तथा विभाग की अभिनव पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कथा-वाचन की कला को “प्रसन्नता दीवार” की संकल्पना के साथ संयोजित कर अंग्रेज़ी विभाग ने विद्यार्थियों की सृजनशीलता, कल्पनाशक्ति एवं उत्साह को प्रभावी रूप से प्रोत्साहित किया है। युवा मस्तिष्कों के सर्वांगीण विकास हेतु इस प्रकार की पहलें अत्यंत आवश्यक हैं। यह कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा, जिसमें अंग्रेज़ी विभाग के समस्त सदस्यों का सामूहिक सहयोग रहा। इनमें प्रमुख रूप से सम्मिलित थे—
प्रो. शरद मनोचा
प्रो. नरेश कुमार
डॉ. वरुण देव वशिष्ठ
प्रो. सुरुचि काटला
प्रो. आशिमा अरोड़ा
प्रो. आकाश धवन

कार्यक्रम का समापन उत्साहित एवं विशाल दर्शक-वर्ग की जोरदार तालियों के साथ हुआ, जो विजेताओं का उत्साहवर्धन कर
रहे थे। सभी प्रतिभागी एवं उपस्थितजन प्रेरित मन तथा मधुर स्मृतियों से परिपूर्ण हृदय के साथ कार्यक्रम स्थल से विदा हुए।

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