एच.एम.वी. के पीजी डिपार्टमेंट ऑफ साइकोलाजी ने एक दिवसीय वर्कशाप का किया आयोजन

जालंधर (अरोड़ा) :- हंसराज महिला महाविद्यालय, जालंधर की फ्रायडियन साइकोलॉजिकल सोसाइटी ने प्रिंसिपल डॉ. एकता खोसला के मार्गदर्शन में ‘साइकोलॉजी इन एक्शन : एम्पावरिंग जेनरेशर्न Z’ (मनोविज्ञान व्यवहार में : जेनरेशर्न Z को सशक्त बनाना) शीर्षक से एक ज्ञानवर्धक कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं में आज के युवाओं को समझने और उन्हें सशक्त बनाने में मनोविज्ञान की गतिशील भूमिका के बारे में जागरूकता पैदा करना था। इस कार्यशाला की रिसोर्स पर्सन डॉ. जेष्ठा अंग्रिश थीं, जो रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में वैज्ञानिक ‘C’ के पद पर कार्यरत हैं। मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. अश्मीन कौर ने प्लांटर भेंट कर उनका औपचारिक स्वागत किया। इस सत्र को चार भागों में बांटा गया था, जिसमें जेनरेशर्न Z, मनोविज्ञान विषय की व्यापकता, विभिन्न क्षेत्रों में मनोविज्ञान के अनुप्रयोग, और एक आकर्षक, संवादात्मक प्रश्न-उत्तर सत्र शामिल थे। डॉ. अंग्रिश ने जेनरेशर्न Z की अनूठी चुनौतियों और असाधारण क्षमताओं पर विस्तार से चर्चा की, और इस बात पर ज़ोर दिया कि यद्यपि GEN Z में अपार क्षमता है, लेकिन मनोवैज्ञानिक गहराई के बिना यह क्षमता अक्सर थकावट या तनाव का कारण बन जाती है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि मनोविज्ञान न केवल एक अकादमिक विषय के रूप में कार्य करता है, बल्कि जीवन के लिए एक व्यावहारिक उपकरण (टूलकिट) के रूप में भी काम करता है, जो मूलभूत क्षमताओं को एक स्थायी दक्षता में बदल देता है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मनोविज्ञान के व्यापक क्षेत्र पर प्रकाश डाला, जो क्लिनिकल, काउंसलिंग, शैक्षिक, फॉरेंसिक तथा अन्य उभरते क्षेत्रों तक विस्तृत है। व्यावसायिक अभ्यास में मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन के महत्व तथा उपयुक्त उपकरणों के सावधानीपूर्वक चयन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सत्र को और समृद्ध बनाते हुए, डॉ. अंग्रिश ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए, जिससे विद्यार्थियों को इस विषय को स्पष्टता, जिम्मेदारी और उद्देश्य के साथ अपनाने की प्रेरणा मिली। प्रिंसिपल डॉ. श्रीमती एकता खोसला ने विभाग द्वारा की गई इस पहल की सराहना की और छात्राओं को ऐसे बौद्धिक रूप से उत्तेजक मंचों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। इस कार्यक्रम में मंच संचालन पहल जबल और जान्हवी ने किया, और इसका समापन मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष अश्मीन कौर द्वारा दिए गए धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। इस वर्कशॉप में 150 से भी ज़्यादा छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। उनके साथ मनोविज्ञान विभाग की फैकल्टी सदस्य— प्रिया, नंदिता शर्मा, ईशमनप्रीत कौर और गुरप्रीत—तथा कंप्यूटर विज्ञान विभाग से NCC प्रभारी और ANO, सोनिया महेंद्रू भी मौजूद थीं। इन सभी के सहयोग से यह वर्कशॉप एक सार्थक और प्रभावशाली अनुभव साबित हुई।

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