सी टी यूनिवर्सिटी में लोहरी 2026 का उत्सव: उत्साह, एकता और सांस्कृतिक गौरव के साथ मनाया गया

अलाव, लोक परंपराओं और उत्सव के रंग में एकजुट हुआ फैकल्टी परिवार
पोटलक लंच बना आपसी मेल-जोल और सामूहिक भावना का प्रतीक

जालंधर (अरोड़ा) :- सी टी यूनिवर्सिटी में लोहरी 2026 का पर्व पूरे उत्साह और सांस्कृतिक रंगों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर डिपार्टमेंट ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर (DSW) द्वारा फैकल्टी सदस्यों के लिए विशेष लोहरी समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन पंजाब के फसल उत्सव की सच्ची भावना को दर्शाता रहा, जहाँ परंपरा, खुशी और एकता का सुंदर संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक अलाव से हुई, जो समृद्धि और कृतज्ञता का प्रतीक है। इसके बाद लोक गीत, जोशीला भांगड़ा, मनोरंजक खेल और डीजे पार्टी ने माहौल को और भी उत्सवपूर्ण बना दिया। फैकल्टी सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया, जिससे परिसर में गर्मजोशी, खुशी और सांस्कृतिक गर्व की भावना दिखाई दी। इस समारोह का सबसे खास आकर्षण पोटलक लंच रहा, जिसमें फैकल्टी सदस्यों ने घर पर बने विभिन्न व्यंजन साझा किए। इस सामूहिक भोजन ने आपसी भाईचारे, सहयोग और एकता की भावना को और मजबूत किया, जो सी टी यूनिवर्सिटी की मूल सोच और संस्कृति को दर्शाता है। पोटलक लंच ने न केवल खानपान की विविधता को दिखाया, बल्कि विभिन्न विभागों के फैकल्टी सदस्यों के बीच आपसी संबंधों को भी मजबूत किया। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी प्रबंधन की गरिमामयी उपस्थिति भी रही, जिसमें प्रो चांसलर डॉ. मनबीर सिंह, वाइस चांसलर डॉ. नितिन टंडन, प्रो वाइस चांसलर डॉ. सिमरनजीत कौर गिल, रजिस्ट्रार संजय खंडूरी और डायरेक्टर DSW, इंजीनियर दविंदर सिंह शामिल रहे। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।

प्रो चांसलर डॉ. मनबीर सिंह का संदेश:
“लोहरी केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह आभार, एकता और नए आरंभ का उत्सव है। फैकल्टी को इतने उत्साह के साथ एकजुट देखना सी टी यूनिवर्सिटी के मजबूत सांस्कृतिक मूल्यों और पारिवारिक वातावरण को दर्शाता है। ऐसे पल हमारे संस्थान को और अधिक मजबूत बनाते हैं।”
वाइस चांसलर डॉ. नितिन टंडन का संदेश:
“लोहरी जैसे त्योहार शैक्षणिक समुदाय में आपसी सौहार्द और मानसिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजन फैकल्टी को नई ऊर्जा देते हैं, सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाते हैं और कक्षा व अकादमिक जीवन से आगे बढ़कर एकजुटता का महत्व सिखाते हैं।” सी टी यूनिवर्सिटी में मनाया गया लोहरी उत्सव इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण रहा कि कैसे परंपरा और सामूहिक भावना शैक्षणिक वातावरण में एक साथ जीवंत रहती हैं, जिससे विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक परिवार बनता है।

About admin

Check Also

नवजीवन वेलफेयर सोसाइटी, जालंधर द्वारा PiMS अस्पताल जालंधर के सहयोग से सितंबर माह में चार गांवों में मुफ्त मेडिकल कैंप आयोजित किए

जालंधर (मक्कड़) :- नवजीवन वेलफेयर सोसाइटी, जालंधर द्वारा PiMS अस्पताल जालंधर के सहयोग से सितंबर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *