डिप्टी कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर ने स्कूलों को बम से उड़ाने की मिली धमकियों से न घबराने की अपील की

कहा, धमकी भरी ईमेलें बेबुनियाद और झूठी, सिविल प्रशासन और कमिश्नरेट पुलिस ने तुरंत सुनिश्चित किए सुरक्षा उपाय
धमकी भरी ईमेलों के स्रोतों का बारीकी से पता लगाने के लिए एफ.आई.आर. दर्ज करके की जा रही है जांच

जालंधर (अरोड़ा) :- डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल और पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने शहरवासियों से अपील की है कि वह स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियों संबंधी मिली ईमेलों से घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच-पड़ताल में इन धमकियों को झूठा और बेबुनियाद पाया गया है। जिला प्रशासकीय कॉम्प्लेक्स में प्रेस वालों से बातचीत करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि सिविल प्रशासन और कमिश्नरेट पुलिस द्वारा 11 स्कूलों को बम की धमकियां मिलने पर तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर एंटी-साबोटाज और अन्य सुरक्षा टीमों को तुरंत संबंधित स्कूलों की बारीकी से जांच करने के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधकों को पहले ही सुरक्षा के लिए की जाने वाली कार्रवाइयों के बारे में अवगत करवा दिया गया है और उन्होंने प्रशासन को पूरा सहयोग दिया। पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने बताया कि धमकी भरी ईमेल का पता लगाने के लिए साइबर सेल के तहत एक एफ.आई.आर. की गई है। उन्होंने कहा कि साइबर टीमों द्वारा ईमेल भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए वी.पी.एन. स्रोतों का पता लगाने के लिए काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया और इन धमकी भरी ईमेलों को भेजने के पीछे लोगों में डर और सहम पैदा करना प्रतीत होता है। पंजाब सरकार की अमन-कानून व्यवस्था कायम रखने की वचनबद्धता को दोहराते हुए पुलिस कमिश्नर ने कहा कि एक बार दोषियों की पहचान हो जाने के बाद सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दोनों अधिकारियों ने नागरिकों से शांत रहने और प्रदेश सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर विश्वास रखने की अपील की। उन्होंने आश्वासन दिया कि विद्यार्थियों और आम जनता की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।

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