फगवाड़ा/अरोड़ा – मोहन लाल उप्पल डी.ए.वी. कॉलेज, फगवाड़ा में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर के दिशा-निर्देशों के तहत और कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. किरणजीत रंधावा के सक्षम नेतृत्व में सिख पंथ के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस को समर्पित एक सेमिनार आयोजित किया गया।
इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत, जीवनयात्रा, ऐतिहासिक महत्ता के साथ-साथ उनके उपदेशों से अवगत कराना था। सेमिनार की शुरुआत संगीत विभाग द्वारा भावपूर्ण शब्द गायन के साथ की गई।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कविता, भाषण, स्लोगन और शब्द-कीर्तन प्रस्तुत किए, जिनके माध्यम से गुरु साहिब जी के जीवन, शहादत की ऐतिहासिक महत्ता, आदर्शों और बलिदानों के बारे में सभी को जानकारी दी गई।
इस अवसर पर प्रिंसिपल डॉ. रंधावा ने विद्यार्थियों के समक्ष गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने धर्म, मानवता और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना सिर कटा दिया, लेकिन धर्म के मूल सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।
जहां उनकी शहादत सिख धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखती है, वहीं उनका यह बलिदान पूरी दुनिया के लिए शांति, सहिष्णुता और मानवाधिकारों का प्रतीक है।
प्रिंसिपल डॉ. रंधावा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें गुरु जी की शहादत से प्रेरणा लेकर उनके उपदेशों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए—सच्चाई, ईमानदारी और सभी धर्मों का सम्मान करने की भावना विकसित करनी चाहिए।
अंत में उन्होंने कहा कि ऐसे सेमिनार हमें अपने धर्म, इतिहास और संस्कृति से जोड़ते हैं और नई पीढ़ी को अपनी विरासत पर गर्व महसूस कराते हैं। इस अवसर पर समस्त कॉलेज स्टाफ उपस्थित रहा।
Jiwanjot Savera