दिल्ली/जालंधर (ब्यूरो) :- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कल कर्नाटक के मैसूर स्थित अखिल भारतीय वाणी और श्रवण संस्थान के हीरक जयंती समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव और मैसूर के सांसद यदुवीर कृष्णदत्त चामराज वाडियार भी उपस्थित थे। इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा, चिकित्सा और वाणी और श्रवण अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले इस प्रतिष्ठित संस्थान के हीरक जयंती समारोह में शामिल होते हुए उन्हें अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर पर संचार विकारों के निदान और उपचार में बहुमूल्य योगदान के लिए इस संस्थान से जुड़े सभी पूर्व और वर्तमान निदेशकों, संकाय सदस्यों, प्रशासकों और छात्रों को हार्दिक बधाई दी। वर्ष 1965 में स्थापित, एआईआईएसएच भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त निकाय है। यह संचार विकारों के क्षेत्र में मानव संसाधन विकास, नैदानिक सेवाओं, प्रशिक्षण, अनुसंधान, जन शिक्षा और विस्तार सेवाओं के लिए दक्षिण एशिया में एक प्रमुख संस्थान है।एआईआईएसएच की स्थापना संचार विकारों की देखभाल और पुनर्वास प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। यह संस्थान न केवल डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और पोस्टडॉक्टरल फेलोशिप पाठ्यक्रम प्रदान करता है, बल्कि वाणी और श्रवण विकारों की देखभाल और उपचार भी प्रदान करता है, साथ ही पुनर्वास के माध्यम से रोगियों और उनके परिवारों को सहायता भी प्रदान करता है। एआईआईएसएच को अब दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मान्यता प्राप्त है। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अपर सचिव वी. हेकेली झिमोमी, भारत सरकार और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ एआईआईएसएच के संकाय सदस्य और छात्र भी उपस्थित थे।
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