अमृतसर (प्रतिक) :- बी बी के डी ए वी कॉलेज फॉर विमेन, अमृतसर में नेशनल एडुट्रस्ट ऑफ इंडिया के सहयोग से “युवाओं को वृंदावन की समृद्ध भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) विरासत से जोड़ने” पर एक विशेष संवादात्मक सत्र और पॉडकास्ट आयोजित किया गया, जो भारतीय ज्ञान प्रणालियों के लक्ष्य पर केंद्रित था। कार्यक्रम में वृंदावन के सेवक और प्रसिद्ध कंटेंट क्रिएटर सूरज कौशिक, भक्त हरवंश शर्मा और नेशनल एडुट्रस्ट ऑफ इंडिया के सीईओ समर्थ शर्मा उपस्थिति रहे। अपने संबोधन में प्रिंसिपल डॉ. पुष्पिंदर वालिया ने कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) का उद्देश्य युवाओं को भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है, जिसमें वृंदावन एक प्रमुख स्थल है। उन्होंने आगे बताया कि भगवान कृष्ण के जीवन और शिक्षाओं में निहित अपने गहन आध्यात्मिक इतिहास के साथ वृंदावन आध्यात्मिक भक्ति की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करता है। समर्थ शर्मा ने कहा कि वृंदावन की विरासत से परिचित होना नई पीढ़ी को भारत की आध्यात्मिक गहराई का पता लगाने के लिए प्रेरित कर सकता है, जिससे एक संतुलित विश्वदृष्टि विकसित हो सकती है, जो आधुनिक आकांक्षाओं को प्राचीन ज्ञान के साथ मिश्रित करती है। सूरज कौशिक ने वृंदावन के महत्व को रेखांकित किया क्योंकि भगवान श्री कृष्ण की दिव्य स्थलि के कारण यह स्थान विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि वृंदावन निस्वार्थ प्रेम और आत्मा-परमात्मा के बीच शाश्वत बंधन का प्रतीक है। इस अवसर पर, प्रिंसिपल डॉ. पुष्पिंदर वालिया को नेशनल एडुट्रस्ट ऑफ इंडिया द्वारा सराहनीय नेतृत्व और समर्पण के लिए सम्मानित किया गया, जबकि श्री सूरज कौशिक को यूथ आइकॉन अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के सभी पदाधिकारियों, शिक्षकों और छात्राओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।
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