अकादमिक उत्तमता के लिए भारतीय ज्ञान प्रणाली को समझना बेहद जरूरी: कुलपति डा. सुशील मित्तल

आई.के.जी पी.टी.यू की सहभागिता वाले अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन, अकादमिक उत्कृष्टता एवं मान्यता पर हुई चर्चा

जालंधर (अरोड़ा) :- आई. के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी एवं महाराजा अग्रसेन यूनिवर्सिटी बद्दी तथा बाबा मस्तनाथ यूनिवर्सिटी रोहतक हरियाणा द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन “भारतीय ज्ञान प्रणाली: गौरवशाली अतीत से उज्ज्वल भविष्य तक” का समापन हो गया है। इस दौरान छह समानांतर तकनीकी सत्रों में बड़ी संख्या में शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिससे प्रबंधन, बुनियादी विषय एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान, इंजीनियरिंग तथा प्रौद्योगिकी, कानून, फार्मेसी, सामान्य ज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान से संबंधित सम्मेलन के विषयों पर बौद्धिक विचार तथा जुड़ाव हुआ। प्रोफेसर (डॉ.) सुशील मित्तल, कुलपति, आईकेजी पीटीयू ने मुख्य अतिथि के रूप में समापन सत्र की अध्यक्षता की। प्रोफेसर पी. एस. वालिया, डीन अकादमिक, एमएयू ने स्वागत भाषण दिया एवं डॉ. आशिमा मित्तल, फैकल्टी, एमएयू ने विभिन्न तकनीकी सत्रों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रो. (डॉ.) आर. के. गुप्ता, कुलपति, एमएयू और प्रो. (डॉ.) एच. एल. वर्मा, कुलपति (बीएमयू) ने शोध विद्वानों और पेपर प्रस्तुतकर्ताओं को उनकी प्रस्तुतियों के लिए बधाई दी! प्रो. (डॉ.) सुशील मित्तल और रजिस्ट्रार डॉ. एस के मिश्रा ने इस सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए तीनों विश्वविद्यालयों को बधाई दी। प्रो. मित्तल ने कहा कि प्रो. (डॉ.) आर. के. गुप्ता के पास इस सम्मेलन के आयोजन के लिए पंजाब, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के तीन विश्वविद्यालयों को एक साथ लाने का अनूठा विजन था और तीनों विश्वविद्यालयों की आयोजन टीमों के अथक प्रयासों से यह सम्मेलन एक बड़ी सफलता रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एक विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में उन्हें लगता है कि इस सम्मेलन में चर्चा और प्रकाशन समाज की सेवा है। प्रो. मित्तल ने उन सभी शोधकर्ताओं को बधाई दी जिनके शोधपत्र संपादित पुस्तकों में प्रकाशित हुए हैं और उन्होंने शोधकर्ताओं और संकाय सदस्यों को अपने शोध निष्कर्षों को अपने कक्षा शिक्षण में आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया ताकि इस सम्मेलन के परिणामों का उपयोग लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में किया जा सके। संकाय सदस्यों और शोधकर्ताओं को पांच श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रो. (डॉ.) गौरव भार्गव, डीन फैकल्टी वेलफेयर और डॉ. राजीव बेदी, एसोसिएट डीन (आर एंड डी) को उत्कृष्ट उपलब्धि पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ. सवीना बंसल, प्रोफेसर, एमआरएसपीटीयू; डॉ. परवीन बंसल, पूर्व निदेशक, बीएफयूएचएस, फरीदकोट; डॉ. सुशील कंसल, प्रोफेसर, यूआईसीईटी, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ और डॉ. मंदीप कौर, सहायक प्रोफेसर (प्रबंधन), आईकेजीपीटीयू को सर्वश्रेष्ठ शिक्षाविद पुरस्कार से सम्मानित किया गया! प्रबंधन अध्ययन विभाग की डॉ. मनदीप कौर, उपासना सेठ और आदिश कुमार तथा आईकेजीपीटीयू के रिसर्च स्कॉलर (फार्मेसी) साहिल चौधरी को युवा शोधकर्ता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ. मेघा गोयल के शोध पत्र को बेसिक और एप्लाइड साइंसेज में सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया तथा नैना, आदिश और डॉ. कपिल गुप्ता के शोध पत्र को प्रबंधन में सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एमएयू के संकाय सदस्य डॉ. विनय चमोली ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा तथा सत्र का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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