अमृतसर (प्रदीप) :- बी.बी.के. डी.ए.वी. कॉलेज फॉर विमेन, अमृतसर में हिंदी दिवस बड़े उत्साह एवं सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हिंदी भाषा के महत्व, उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा राष्ट्र की एकता एवं सामाजिक समरसता में हिंदी के योगदान को रेखांकित किया गया। हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में छात्राओं के लिए पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने रचनात्मक एवं कलात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए हिंदी भाषा की महत्ता, उसकी गरिमा और सांस्कृतिक मूल्यों को आकर्षक पोस्टरों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। छात्राओं ने हिंदी के प्रति प्रेम एवं सम्मान की भावना को पोस्टरों के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्राचार्या डॉ. पुष्पिंदर वालिया ने छात्राओं को संबोधित करते हुए व्यक्तिगत एवं सामूहिक पहचान के निर्माण में मातृभाषा की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मातृभाषा केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि हमारे प्रारंभिक सपनों, विचारों, संवेदनाओं और सहज अभिव्यक्ति की आधारभूमि भी है। उन्होंने कहा कि हिंदी भारत की प्रमुख एवं व्यापक रूप से बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है, जो विभिन्न क्षेत्रों, संस्कृतियों और समुदायों के लोगों को जोड़ते हुए देश के बहुभाषी स्वरूप में एकता का सेतु निर्मित करती है। हिंदी हमारी सांस्कृतिक चेतना के साथ-साथ राष्ट्र के ‘अनेकता में एकता’ के मूल भाव को भी सशक्त करती है। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. अनीता नरेंद्र ने अपने सन्देश में सभी को हिंदी दिवस की बधाई देते हुए कहा की हिंदी हमारी पहचान एवं स्वाभिमान है और हमें इस पर गर्व है। इस अवसर पर आर्य युवती सभा के सदस्य तथा हिंदी विभाग की छात्राएं उपस्थित रहीं।
Jiwanjot Savera