सतत एवं भविष्य के अनुकूल वास्तुकला पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
जालंधर (अरोड़ा) :- शाहपुर स्थित सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), लुधियाना लोकल सेंटर के सहयोग से विश्व आवास दिवस एवं विश्व वास्तुकला दिवस उत्साहपूर्वक मनाया। कार्यक्रम का उद्देश्य सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा बेहतर और पर्यावरण-अनुकूल भविष्य के निर्माण में वास्तुकला की भूमिका को रेखांकित करना था। कार्यक्रम में आर्किटेक्ट दिनेश भगत, वाइस चेयरमैन, IIA पंजाब चैप्टर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. अरविंद धींगरा, पूर्व चेयरमैन, IEI लुधियाना; इंजीनियर बलविंदर सिंह, IEI लुधियाना; तथा इंजीनियर सुरिंदर सिंह, पूर्व मानद सचिव, IEI लुधियाना सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने छात्रों को सतत, ऊर्जा-कुशल और भविष्य के अनुकूल वास्तुकला अपनाने के लिए प्रेरित किया।



उन्होंने पर्यावरण-अनुकूल सामग्री, नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, नवीन तकनीकों और जलवायु-अनुकूल डिजाइन को आधुनिक निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। वक्ताओं ने कहा कि आने वाली पीढ़ी के आर्किटेक्ट्स और इंजीनियर्स की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे आवास और शहर विकसित करें, जो मानवीय जरूरतों के साथ पर्यावरणीय संतुलन भी बनाए रखें। उन्होंने छात्रों को पारंपरिक निर्माण से आगे बढ़कर स्वस्थ समुदायों और हरित भविष्य के लिए नए समाधान विकसित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सीटी ग्रुप के छात्रों ने गीत, नृत्य, मॉडलिंग और पारंपरिक भांगड़ा की प्रस्तुतियों से समां बांधा। इस अवसर ने छात्रों को विशेषज्ञों से संवाद कर वास्तुकला और सतत विकास के बदलते स्वरूप को समझने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि सतत वास्तुकला केवल एक डिजाइन विकल्प नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।
Jiwanjot Savera