जालंधर (अरोड़ा) :- एपीजे स्कूल, टांडा रोड, जालंधर ने, श्रीमती सुषमा पॉल बर्लिया, अध्यक्षा, एपीजे एजुकेशन सोसाइटी के सम्मानित नेतृत्व और डॉ. नेहा बर्लिया के मार्गदर्शन में, स्कूल के संस्थापक आदरणीय डॉ. सत्या पॉल जी की 107वीं जयंती को एक भव्य और प्रेरणादायक संस्थापक दिवस समारोह के रूप में मनाया। यह दिन डॉ. सत्या पॉल जैसे दूरदर्शी शिक्षाविद् के प्रति गंभीरता, प्रेरणा और हार्दिक श्रद्धांजलि से चिह्नित था, जिनके आदर्श एपीजे समुदाय का मार्गदर्शन करते हैं। कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ, जिसके बाद श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया जिसके अंतर्गत शिक्षकों, अभिभावकों और प्रीफेक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने पूज्य संस्थापक डॉ. सत्या पॉल जी को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने डॉ. सत्या पॉल जी की याद में भावपूर्ण भजन गाए, जिससे वातावरण भक्ति से भर गया। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए स्कूल की एक छात्रा युविका ने सोरिंग हाई इज़ माय नेचर विषय पर एक व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसमें एपीजे शिक्षा के मार्गदर्शक दर्शन को खूबसूरती से दर्शाया गया। डॉ. सत्या पॉल जी के जीवन और उपलब्धियों पर एक वीडियो भी प्रस्तुत की गई जिसमें उनकी दूरदर्शी यात्रा और स्थायी विरासत के बारे में सभी को और अधिक जागरूक किया।


इस अवसर पर स्कूल प्रधानाचार्य डॉ राजेश चंदेल जी ने सभा को संबोधित करते हुए एपीजे एजुकेशन अध्यक्षा सुषमा पॉल बर्लिया का प्रेरणादायक संदेश पढ़ा, जिसमें विद्यार्थियों को मानवीय मूल्यों को बनाए रखने और उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। समारोह में एक अभिनंदन समारोह भी शामिल था जिसमें नैतिक व मानवीय मूल्यों और करुणा का अनुकरण करने के लिए कक्षा आठवीं के दो विद्यार्थियों आध्या कपूर और एहान शर्मा को प्रिंसिपल डॉ. राजेश कुमार चंदेल और इंचार्ज सुश्री सिमरनजीत कौर द्वारा सम्मानित किया गया। पुरस्कार विजेताओं के माता-पिता ने भी अपने विचार साझा किए, जिससे इस अवसर पर अपनापन और गहरा अर्थ जुड़ गया। इसके बाद एक संक्षिप्त सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ जिसमें कक्षा दूसरी की छात्रा आध्या और कक्षा तीसरी की छात्रा सायरा द्वारा मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों ने समारोह में जीवंतता जोड़ दी। समारोह के अंत में स्कूल इंचार्ज सिमरनजीत कौर जी ने उपस्थित सभी लोगों के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की। इसके पश्चात राष्ट्रीय गान हुआ, जिसने गर्व और एकता की भावना जगाई। कार्यक्रम का समापन डॉ. सत्या पॉल जी के उस पावन दृष्टिकोण (विज़न) को आगे बढ़ाने की एक नई प्रतिबद्धता के साथ हुआ, जिसके तहत ऐसे जिम्मेदार, संवेदनशील, मूल्य-आधारित और उच्च कोटि के व्यक्तियों को तैयार करना है—जिनमें आगे बढ़ने का साहस हो, समाज की सेवा करने की समझ हो और आसमान छूने का अटूट दृढ़ संकल्प हो।
Jiwanjot Savera