जालंधर (अरोड़ा) :- संस्कृति के.एम.वी. स्कूल, जालंधर में रक्षाबंधन का पावन पर्व प्रेम, विश्वास, परंपरा, रचनात्मकता और देशभक्ति के सुंदर समन्वय के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए अनेक रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दैनिक जागरण के सहयोग से आयोजित ‘भारत रक्षा पर्व 2026’ अभियान में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे वीर जवानों के प्रति अपना सम्मान, आभार और प्रेम व्यक्त किया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए सैनिकों के लिए विशेष रूप से हस्तनिर्मित राखियाँ एवं शुभकामना कार्ड तैयार किए। इन गतिविधियों के माध्यम से उनमें राष्ट्रप्रेम, कृतज्ञता और देश के वीर सैनिकों के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया गया। विद्यार्थियों की रचनात्मकता एवं कलात्मक कौशल को निखारने के उद्देश्य से कक्षा चौथी एवं छठी के विद्यार्थियों के लिए ‘पिडीलाइट’ के सहयोग से विशेष ‘राखी मेकिंग वर्कशॉप’ का आयोजन किया गया। पिडीलाइट के विशेषज्ञ रिसोर्स पर्सन ने विद्यार्थियों को राखी बनाने के विभिन्न रचनात्मक एवं आकर्षक तरीके सिखाए। विद्यार्थियों ने मोल्डिट, गोल्डन 3D आउटलाइनर, छोटे शीशे, सिल्वर स्टोन, पोस्टर कलर, ब्रश, रंग-बिरंगे धागों एवं रिबन जैसी विभिन्न सामग्रियों का प्रयोग करते हुए सुंदर एवं पर्यावरण-अनुकूल राखियाँ तैयार कीं।




इसके अतिरिक्त उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों ने राखी बनाने, राखी फ्रेमिंग तथा शुभकामना कार्ड तैयार करने जैसी गतिविधियों के माध्यम से अपनी कलात्मक प्रतिभा, रचनात्मकता और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को प्रदर्शित किया। सम्मान एवं स्नेह का भावपूर्ण अवसरसमारोह का एक अत्यंत भावुक एवं यादगार क्षण तब देखने को मिला, जब प्री-प्राइमरी विंग के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने आर्य शिक्षा मंडल के अध्यक्ष चंद्र मोहन जी को प्रेम एवं स्नेह की राखी बाँधकर उनकी निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। विद्यार्थियों ने विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती रचना मोंगा जी को भी राखी बाँधकर उनके दूरदर्शी नेतृत्व, करुणामय मार्गदर्शन एवं निरंतर सहयोग के प्रति अपना सम्मान प्रकट किया। विद्यालय प्रधानाचार्या रचना मोंगा जी ने सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का धार्मिक त्योहार ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में गहराई से निहित पारस्परिक सम्मान, देखभाल, विश्वास और सुरक्षा की भावना का पवित्र प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राखी का पवित्र धागा मात्र एक सजावटी धागा नहीं, बल्कि रिश्तों को जोड़ने, दिलों को एकजुट करने और आपसी सौहार्द को मजबूत करने की गहरी प्रतिज्ञा है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि इस रक्षाबंधन पर हमें प्रेम के बंधनों की रक्षा करने, एक-दूसरे के प्रति सुरक्षा और संवेदनशीलता की भावना बनाए रखने तथा उस एकता का उत्सव मनाने का संकल्प लेना चाहिए, जो हमारे जीवन को सुंदर और सार्थक बनाती है। रक्षाबंधन का यह आयोजन विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, रचनात्मकता, भाईचारे, सम्मान, संवेदनशीलता और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को सुदृढ़ करने वाला रहा। पूरे विद्यालय परिसर में प्रेम, उल्लास, स्नेह और देशभक्ति की भावना का वातावरण देखने को मिला।
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