जालंधर (मक्कड़) :- इनोसेंट हार्ट्स स्कूल के सभी पाँचों कैंपस—ग्रीन मॉडल टाउन, लोहारां, कैंट-जंडियाला रोड, नूरपुर रोड व कपूरथला रोड—में रक्षाबंधन का जीवंत पर्व बड़े उत्साह एवं सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया। यह उत्सव प्रेम, स्नेह, सम्मान और परस्पर देखभाल के पवित्र भावों का सुंदर प्रतीक बना। कार्यक्रम का उद्देश्य विविध सार्थक एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से रक्षाबंधन से जुड़े जीवन-मूल्यों और पवित्र रिश्तों को और सुदृढ़ करना था। प्री-प्राइमरी स्कूल के नन्हे-मुन्नों ने ‘थ्रेड ऑफ़ लव’ थीम के अंतर्गत बहुत हर्षोल्लास व रचनात्मकता के साथ रक्षासूत्र तैयार किए। उन्होंने अपनी मदर टीचर्स के मार्गदर्शन में सुंदर राखियाँ बनाईं और उन्हें स्कूल में उनकी देखभाल एवं सहयोग करने वाले लोगों की कलाई पर बाँधा। इस पवित्र त्योहार को पर्यावरण को समर्पित करने और प्रकृति माँ के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए कक्षा I व II कक्षा के छात्रों ने ‘इको-फ्रेंडली राखी’ गतिविधि में भाग लिया। वहीं कक्षा III व IV के छात्रों ने आकर्षक इको-फ्रेंडली राखियाँ और रक्षाबंधन कार्ड बनाकर अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। इस गतिविधि ने भाई-बहन के प्रेम को मज़बूत करने के साथ-साथ रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा दिया और बच्चों के व्यावहारिक कौशलों में सुधार किया। इस गतिविधि ने भाई-बहन के प्रेमपूर्ण रिश्ते को सुदृढ़ करने के साथ-साथ विद्यार्थियों में रचनात्मक अभिव्यक्ति एवं सूक्ष्म कौशलों का विकास किया। देश के वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त करते हुए कक्षा IV व V के विद्यार्थियों ने तिरंगे एवं कैमोफ्लाज थीम पर आधारित पर्यावरण-अनुकूल राखियाँ तैयार कीं, जिन पर ‘थैंक यू,सोल्जर्स’ का भावपूर्ण संदेश अंकित था। यह गतिविधि राष्ट्र के प्रहरी वीर जवानों के प्रति विद्यार्थियों के प्रेम, समर्पण, सम्मान और संवेदनशीलता संवेदनशीलता की भावना जगाने वाली रही रही। उत्सव में स्वादिष्टता का रंग भरते हुए कक्षा VII व VIII के विद्यार्थियों ने ‘स्वीट्स एंड ट्रेड्स’ गतिविधि में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने स्वादिष्ट कुकीज़, कपकेक्स और मिनी सैंडविच तैयार किए तथा अपनी पाक-कला एवं रचनात्मकता का परिचय दिया। सभी पाँचों कैंपस में आयोजित रक्षाबंधन समारोह विद्यार्थियों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरने और उनमें प्रेम, विश्वास, कृतज्ञता, पारस्परिक सम्मान एवं एकजुटता जैसे शाश्वत मूल्यों को विकसित करने वाला यादगार अवसर बना। इस समारोह ने खूबसूरती से यह संदेश दिया कि परंपराओं को रचनात्मकता, पर्यावरण-संवेदनशीलता और सार्थक अधिगम के साथ जोड़कर उत्सव को और भी प्रभावशाली एवं यादगार बनाया जा सकता है।
Jiwanjot Savera