नए विद्यार्थियों को ज्ञान, संस्कार और नवाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने की मिली प्रेरणा
जालंधर (अरोड़ा) :- डी.ए.वी. यूनिवर्सिटी, जालंधर में नए विद्यार्थियों के स्वागत में छह दिवसीय ‘दीक्षारंभ–2026 : स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम’ का उत्साहपूर्ण शुभारंभ किया गया। 3 से 8 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक माहौल, वैदिक जीवन मूल्यों, रिसर्च, इनोवेशन, अनुशासन तथा विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा प्रणाली से परिचित कराना है। कार्यक्रम के पहले दिन की शुरुआत यूनिवर्सिटी की यज्ञशाला में वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार हवन-यज्ञ से हुई। इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया तथा नए शैक्षणिक सत्र की सफलता, विद्यार्थियों की उन्नति और विश्व कल्याण के लिए आहुतियां अर्पित कीं। इसके उपरांत महात्मा हंसराज ऑडिटोरियम में स्टूडेंट इंडक्शन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर डॉ. कमलजीत कौर सिद्धू, डीन, स्टूडेंट्स वेलफेयर ने नए विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी केवल उच्च शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि उत्कृष्ट चरित्र निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व और सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास का भी महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रत्येक अवसर का लाभ उठाते हुए अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया।





इस अवसर पर डी.ए.वी. यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर डॉ. मनोज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान, नैतिकता, कौशल और मानवीय मूल्यों से युक्त व्यक्तित्व का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि डी.ए.वी. यूनिवर्सिटी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप विद्यार्थियों को अनुसंधान, नवाचार, उद्योगोन्मुख शिक्षा, उद्यमिता तथा समाज सेवा के लिए निरंतर प्रेरित कर रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, समय की पाबंदी और निरंतर सीखने की भावना को अपनी सफलता का आधार बनाने का आह्वान किया। रजिस्ट्रार डॉ. एस. के. अरोड़ा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक आधारभूत सुविधाएं, तकनीकी संसाधन तथा सकारात्मक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर डॉ. संजीव कुमार शर्मा, डीन, फैकल्टी ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के डी.ए.वी. इन्फॉर्मेशन सिस्टम तथा लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये डिजिटल प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री, असाइनमेंट, उपस्थिति, परीक्षाओं तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियों से निरंतर जुड़े रहने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन, कार्यों तथा समाज सुधार में उनके अद्वितीय योगदान पर आधारित एक प्रेरणादायक डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को सत्य, शिक्षा, सामाजिक सुधार तथा वैदिक सिद्धांतों के महत्व से परिचित कराया गया। उल्लेखनीय है कि ‘दीक्षारंभ–2026’ के अंतर्गत आगामी दिनों में विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक ओरिएंटेशन, कौशल विकास, करियर मार्गदर्शन, विद्यार्थी सहायता सेवाओं, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा प्रेरणादायक विशेष सत्रों का आयोजन किया जाएगा, ताकि वे विश्वविद्यालय के वातावरण में सहज रूप से स्वयं को ढाल सकें और अपने उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख सकें।
Jiwanjot Savera