जालंधर (अरोड़ा) :- हंसराज महिला महाविद्यालय (एचएमवी), जालंधर की छात्राओं ने एंटरप्रेन्योर के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करते हुए पंजाब सरकार के एंटरप्रेन्योरशिप माइंडसेट प्रोग्राम (श्वरूक्क) के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में ₹1.52 करोड़ की आय अर्जित कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। यह सफलता कौशल आधारित एवं अनुभवात्मक शिक्षा के क्षेत्र में एचएमवी की अग्रणी भूमिका को दर्शाती है। महाविद्यालय की 397 छात्राओं, जिनमें बी.कॉम., बी.कॉम. (फाइनेंशियल सर्विसेज) तथा विभिन्न बी.वॉक. पाठ्यक्रमों की छात्राएं शामिल हैं, ने अपने नवाचार, व्यावसायिक समझ और परिश्रम के बल पर यह कीर्तिमान स्थापित किया। छात्राओं ने रिटेल बिजनेस, ई-कॉमर्स, कंटेंट क्रिएशन, प्रोफेशनल सर्विसेज तथा विविध व्यवसायिक गतिविधियों जैसे पांच प्रमुख क्षेत्रों में कार्य किया। इनमें प्रोफेशनल सर्विसेज सबसे लोकप्रिय क्षेत्र रहा, जबकि रिटेल बिजनेस दूसरे स्थान पर रहा। विशेष उल्लेखनीय तथ्य यह रहा कि लगभग 74 प्रतिशत छात्राओं ने ₹10,000 से अधिक की व्यक्तिगत आय अर्जित की, जिससे उनकी उद्यमशीलता क्षमता का परिचय मिलता है। इस कार्यक्रम का सफल संचालन नोडल अधिकारी डॉ. सीमा खन्ना, एसोसिएट प्रोफेसर, वाणिज्य विभाग के नेतृत्व में किया गया। उनके साथ 13 मेंटरिंग फैकल्टी सदस्यों श्रीमती बीनू गुप्ता, डॉ. अशमीन कौर, मीनू कुंद्रा, डॉ. रमा शर्मा, डॉ. काजल पुरी, सविता महेंदरू, डॉ. शेफाली कश्यप, डॉ. मीनाक्षी दुग्गल, डॉ. जसप्रीत कौर, आशीष चड्ढा, रिशव, नवनीता एवं श्रीमती मुक्ति अरोड़ा ने छात्राओं का मार्गदर्शन किया। व्यावहारिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महाविद्यालय में विभिन्न उद्यमिता मेलों, प्रदर्शनी एवं स्टॉल गतिविधियों का आयोजन किया गया, जहां छात्राओं ने स्वयं उत्पादों की बिक्री कर वास्तविक व्यापारिक अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त डिजिटल साक्षरता एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने हेतु प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। छात्राओं को नेक्सस मॉल और अल्फा मॉल के शैक्षणिक भ्रमण पर भी ले जाया गया, जहां उन्होंने रिटेल मैनेजमेंट, विजुअल मर्चेंडाइजिंग और उपभोक्ता व्यवहार का व्यावहारिक अध्ययन किया। छात्राओं द्वारा स्थापित अनेक स्टार्टअप्स ने भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। बी.कॉम. फाइनेंशियल सर्विसेज की सुमनप्रीत कौर एवं ईशिका मेहंदी आर्ट तथा घर में बने मिठाइयों एवं अचार के व्यवसाय को सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं। बी.कॉम. की दिव्या महिंद्रू आर्टिफिशियल ज्वेलरी के व्यवसाय में अपनी पहचान बना चुकी हैं, जबकि स्नेहा ने स्नेहा कॉस्मेटिक्स के माध्यम से अपना उद्यम स्थापित किया है। मनमीत कौर, नवनीत कौर एवं भगवंत ने नेल आर्ट और बेकहाउस व्यवसाय को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया है। बी.वोक. कॉस्मेटोलॉजी की बाणीप्रीत सेठी ब्यूटी सेक्टर में निरंतर आय अर्जित कर रही हैं। हरलीन कौर वालिया ने ब्रैसलेट व्यवसाय में सफलता हासिल की है तथा बीबीए की पुनीत कौर परिधान व्यवसाय के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए हंसराज महिला महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. एकता खोसला ने कहा कि ₹1.52 करोड़ कि आय अर्जित करना केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि हमारी छात्राओं की असीम संभावनाओं, नवाचारी सोच, उद्यमशील दृष्टिकोण और अथक परिश्रम का जीवंत प्रमाण है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि जब शिक्षा को वास्तविक जीवन के अनुभवों, कौशल विकास और व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ा जाता है, तब विद्यार्थी केवल ज्ञान अर्जित नहीं करते, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था में सार्थक योगदान देने के लिए भी तैयार होते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है। हंसराज महिला महाविद्यालय इसी उद्देश्य को केंद्र में रखकर शिक्षा प्रदान कर रहा है। आज की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि हमारी छात्राओं ने कक्षा की सीमाओं से बाहर निकलकर व्यापार, विपणन, वित्तीय प्रबंधन, ग्राहक सेवा, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और नवाचार के वास्तविक अनुभव प्राप्त किए हैं। उन्होंने अपने आत्मविश्वास, रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता के बल पर यह सिद्ध कर दिया है कि युवा महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफलता के नए आयाम स्थापित कर सकती हैं। डॉ. खोसला ने कहा कि वर्तमान समय में उद्यमिता केवल व्यवसाय शुरू करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, नेतृत्व, निर्णय क्षमता, जोखिम प्रबंधन और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त उपकरण है। एचएमवी की छात्राओं ने अपने छोटे-छोटे विचारों को सफल व्यवसायों में परिवर्तित कर यह दिखा दिया है कि दृढ़ संकल्प और सही मार्गदर्शन के साथ सपनों को वास्तविकता में बदला जा सकता है। यह उपलब्धि उन सभी छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत है जो अपने भविष्य को आत्मनिर्भरता और नवाचार के माध्यम से आकार देना चाहती हैं। उन्होंने आगे कहा कि एचएमवी का लक्ष्य केवल उत्कृष्ट परिणाम देना नहीं, बल्कि ऐसी सक्षम, आत्मविश्वासी और दूरदर्शी युवा महिलाओं का निर्माण करना है जो राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा सकें। महाविद्यालय में एंटरप्रेन्योर, कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय जागरूकता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि छात्राएं वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए स्वयं को तैयार कर सकें। प्राचार्या ने इस ऐतिहासिक सफलता के लिए नोडल अधिकारी डॉ. सीमा खन्ना, सभी मेंटरिंग फैकल्टी सदस्यों तथा कार्यक्रम से जुड़ी प्रत्येक छात्रा को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे एचएमवी परिवार के सामूहिक प्रयास, समर्पण और उत्कृष्टता की संस्कृति का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में एचएमवी की छात्राएं उद्यमिता, नवाचार और नेतृत्व के क्षेत्र में और भी बड़े कीर्तिमान स्थापित करेंगी तथा ‘महिला सशक्तिकरण’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। आज हमारी छात्राओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि अवसर मिलने पर महिलाएं केवल सफलता की भागीदार नहीं बनतीं, बल्कि सफलता की नई परिभाषा भी गढ़ती हैं। यह उपलब्धि भविष्य के उन अनगिनत सपनों की शुरुआत है जो एचएमवी की बेटियां अपने साहस, प्रतिभा और उद्यमशीलता से साकार करेंगी। यह पहल उच्च शिक्षा स्तर पर एंटरप्रेन्योर, तकनीक, वाणिज्य और कौशल शिक्षा के सफल समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है तथा युवा महिलाओं को भविष्य में रोजगार खोजने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बनने के लिए प्रेरित कर रही है।
Jiwanjot Savera