जालंधर (अरोड़ा) :- डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर ने अपने स्किल डेवलपमेंट सेंटर – एसडीसी के अंतर्गत समर स्किल की एक श्रृंखला आरंभ कर कौशल-आधारित शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों एवं समाज को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया है। यह पहल महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार तथा कौशल विकास केंद्र की परियोजना समन्वयक डॉ. सीमा शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रारंभ की गई है। इन पाठ्यक्रमों में रचनात्मक पाक-कला (क्रिएटिव कुकिंग), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), छायांकन (फोटोग्राफी) तथा सौंदर्य एवं व्यक्तित्व संवर्धन (ब्यूटी हक्स) जैसे विषय सम्मिलित हैं। ये अल्पकालिक पाठ्यक्रम प्रतिभागियों को व्यावहारिक कौशल प्रदान करने तथा उनकी रोज़गार-योग्यता एवं व्यक्तित्व विकास को उन्नत बनाने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए पंजीकरण शुल्क मात्र 999 रुपये निर्धारित किया गया है। ग्रीष्मकालीन कौशल पाठ्यक्रमों की विवरणिका (ब्रोशर) का औपचारिक विमोचन 6 जून, 2026 को वरिष्ठ उप-प्राचार्य प्रो. कुॅंवर राजीव, उप-प्राचार्या प्रो. सोनिका, रजिस्ट्रार प्रो. अशोक कपूर, बर्सर डॉ. मनु सूद, उप-रजिस्ट्रार प्रो. मनीष खन्ना, प्रो. शरद मनोचा, डॉ. सीमा शर्मा तथा प्रो. पूजा शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार ने वर्तमान समय में कौशल-आधारित शिक्षा की बढ़ती आवश्यकता पर बल देते हुए विद्यार्थियों को इन पाठ्यक्रमों का लाभ उठाकर उद्योग-जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्षताएँ विकसित करने के लिए प्रेरित किया। वहीं डॉ. सीमा शर्मा ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों का निर्माण विभिन्न रुचियों एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया गया है, ताकि प्रतिभागियों में सृजनात्मकता, नवाचार तथा व्यावसायिक उन्नति को प्रोत्साहन मिल सके। कौशल विकास केंद्र विद्यार्थियों तथा अन्य इच्छुक व्यक्तियों को इन पाठ्यक्रमों में नामांकन हेतु आमंत्रित करता है, ताकि वे अपनी ग्रीष्मावकाश अवधि का सदुपयोग करते हुए जीवनोपयोगी एवं व्यावसायिक कौशल अर्जित कर सकें।
Jiwanjot Savera