मृतक किसान के नाम पर लोन लेने के मामले में सहकारी बैंक के पांच कर्मचारियों को विजीलैंस ब्यूरो ने गिरफ्तार किया

जालंधर (अरोड़ा) :- पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने सहकारी समिति धुग्गा कलां और सहकारी बैंक रूपोवाल, जिला होशियारपुर के पांच कर्मचारियों को मृतक सदस्य के नाम पर ऋण लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस मामले में सहकारी समिति धुग्गा कलां के तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इस संबंध में जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के एक अधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में युद्धवीर सिंह, पूर्व इंस्पेक्टर और मौजूदा सहायक रजिस्ट्रार, सहकारी बैंक दसूहा, रविंदर सिंह क्लर्क-कम-कैशियर, सहकारी बैंक शाखा रूपोवाल , तहसील दसूहा, जो अब एक एकाउंटेंट सहकारी बैंक लिमिटेड शाखा सीकरी, होशियारपुर में तैनात है, जिसमें मंजीत सिंह कैशियर (सेवानिवृत्त), सहकारी बैंक शाखा रूपोवाल और अवतार सिंह पूर्व- मैनेजर (सेवानिवृत्त) परमजीत सिंह पूर्व प्रबंधक (सेवानिवृत्त) सहित बैंक को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में दर्ज शिकायत की जांच के दौरान सामने आने पर तथ्यों के आधार पर आरोपी अजायब सिंह सचिव सहकारी समिति गांव धुग्गा कलां कलां जिला होशियारपुर सहित सदस्य निरंजन सिंह और तरसेम सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसमें धारा 409, 420, 465, 466, 467, 468, 471, 120-बी आई.पी.सी. और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 3(1)(ए) धारा 13(2) के तहत विजीलैंस ब्यूरो के जालंधर रेंज में मामला दर्ज किया गया है। इस बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए उन आगे बताया कि उक्त मामलो की तफ्तीश दौरान उक्त कैशियर अजायब सिंह को गाँव धुग्गा कलां के रहने वाले सोसायटी के मृतक मैंबर गुलजार सिंह के नाम पर 1,92,000 रुपए का कर्ज़ लेने के दोष में सहकारी सभा के अन्य आधिकारियों के साथ गिरफ़्तार किया गया था। यह भी पता लगा है कि दोषी सैक्ट्री अजायब सिंह ने सोसायटी का सारा कर्ज़ मृतक गुलजार सिंह के खाते में जमा करवा दिया था और अन्य के साथ मिलीभुगत करके उसी तारीख़ को उसके नाम पर 1,90, 000 रुपए का कर्ज़ दोबारा लिया था। विजीलैंस की तफ्तीश दौरान अपनी गिरफ़्तारी के डर से उसने उक्त बैंक को ब्याज सहित सारा कर्ज़ 2 26, 315 रुपए लाख रुपए जमा करवा दिया था। प्रवक्ता ने बताया कि पूछताछ के आधार पर ब्यूरो ने तीन आरोपियों अजायब सिंह और सदस्यों निरंजन सिंह और तरसेम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है इसके बाद गहराई से जांच की गई, जिसमें पाया गया कि उक्त पांचों कर्मचारियों ने आपस में मिलीभुगत कर सहकारी समिति धुगा कलां और समिति के एक मृत सदस्य के नाम पर यह ऋण स्वीकृत कर जमा करवाने के लिए सहकारी बैंक धुग्गा कलां शाखा रूपोवाल से धोखाधड़ी की थी।

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