जालंधर (अरोड़ा) :- संस्कृति के. एम.वि.स्कूल में मातृत्व दिवस अत्यंत हर्ष, कृतज्ञता और भावनात्मक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर छात्रों ने अपनी माता के प्रति प्रेम,त्याग, समर्पण को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से व्यक्त किया। विद्यालय परिसर स्नेह और अपनत्व से सराबोर हो उठा, जब विद्यार्थियों ने अपनी माताओं के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करने में विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ माताओं को समर्पित विशेष प्रार्थना सभा से हुआ। इसके पश्चात नन्हे-मुन्ने बच्चों ने मनमोहक कविता पाठ एवं आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। कक्षा पहली से दसवीं तक के विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और निष्कलुष भावनाओं को सुंदर गतिविधियों के माध्यम से अभिव्यक्त किया।





विद्यार्थियों ने हैंडप्रिंट आर्ट, पोस्टर मेकिंग, हृदयस्पर्शी संदेश लेखन तथा मेमोरी स्क्रैपबुक, स्वरचित कविता तैयार कर अपनी माताओं के प्रति प्रेम और आदर प्रकट किया। इन रंग-बिरंगी रचनाओं में बच्चों का अपनी माँ के प्रति निश्छल स्नेह स्पष्ट झलक रहा था। समारोह में विशेष आकर्षण के रूप में एक सुंदर फोटो कॉर्नर भी बनाया गया, जहाँ माताओं और बच्चों ने साथ मिलकर यादगार तस्वीरें खिंचवाईं। बच्चों और माताओं के चेहरों पर खिली मुस्कानें तथा भावुक पल इस आयोजन को और भी यादगार एवं हृदयस्पर्शी बना गए। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता की सराहना करते हुए विद्यालय प्रधानाचार्या रचना मोंगा जी ने कहा कि माँ धरती पर ईश्वर के प्रेम का सबसे सुंदर स्वरूप है। उन्होंने अपने संबोधन में मातृत्व दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए माँ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा मां की ममता,त्याग, प्यार और समर्पण का कोई मोल नहीं। उसने चलना सिखाया,गिरकर संभलना सिखाया। बच्चों की पहली गुरु,दोस्त और सारा संसार माँ। उन्होंने कहा ऐसे आयोजन बच्चों में नैतिक मूल्यों, भावनात्मक संवेदनशीलता तथा माता-पिता के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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