जालंधर (कुलविंदर) :- दर्शन अकादमी, जालंधर के प्रांगण में आज मानवता और ममता का संगम देखने को मिला। विद्यालय में विश्व रेड क्रॉस दिवस और मातृ दिवस का आयोजन कुछ इस भव्यता से किया गया कि मानो संपूर्ण मानवता और ममता एक ही स्थान पर साकार हो उठी हो। प्रातःकालीन सभा में जब शिक्षकों ने रेड क्रॉस दिवस की महत्ता पर प्रकाश डाला, तो उनके शब्दों की ओजस्विता से आकाश गुंजायमान हो उठा। विद्यार्थियों के भाषणों में वह शक्ति थी कि पाषाण हृदय भी पिघलकर सेवा के सागर बन जाएँ। विद्यार्थियों ने अपनी कक्षाओं में ऐसे फर्स्ट एड बॉक्स तैयार किए, जिनकी उपयोगिता और सुंदरता को देखकर स्वयं धन्वंतरि भी अचंभित रह जाएँ। घरों से लाए गए सामान से सुसज्जित ये डिब्बे मात्र डिब्बे नहीं, बल्कि जीवनदायिनी संजीवनी के प्रतीक प्रतीत हो रहे थे।



कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों ने कार्ड मेकिंग प्रतियोगिता में अपनी तूलिका से ऐसे रंग बिखेरे कि इंद्रधनुष की आभा भी फीकी पड़ गई। वहीं कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने मेरी माँ, मेरी प्रेरणा विषय पर अपने कलम से वह जादू रचा कि कागज के पन्नों पर ममता साक्षात उतर आई। शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा पढ़ी गई कविताओं के शब्द इतने मर्मस्पर्शी थे कि उपस्थित जनसमूह के नेत्रों से अश्रुओं की धारा गंगा-यमुना की भांति बह निकली। वातावरण पूर्णतः भावुकता के उस शिखर पर पहुँच गया जहाँ शब्द कम पड़ गए और भावनाएँ अनंत हो गईं। इस पावन अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश सिंह जी ने अपने अमृत वचनों से विद्यार्थियों को अभिसिंचित किया। उन्होंने कहा कि दीन-दुखियों, दिव्यांगों और रोगियों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची आराधना है। उन्होंने सभी माताओं को वंदनीय बताते हुए उनके चरणों में अपनी शुभकामनाओं के पुष्प अर्पित किए। उनके प्रेरणादायी शब्दों ने विद्यार्थियों के भीतर परोपकार की अग्नि प्रज्वलित की।
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