सरकार की लोक कल्याण योजनाओं से कोई भी योग्य लाभार्थी वंचित नहीं रहना चाहिए: डिप्टी कमिश्नर

जिले में चल रही लोक कल्याण योजनाओं का लिया जायजा
कहा, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का लाभ ज़मीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए एस.डी.एम. लगातार निगरानी सुनिश्चित बनाएं
नाड़ को आग लगाने की घटनाओं की रोकथाम के लिए अधिकारियों को पूरी मुस्तैदी बरतने के निर्देश

जालंधर (अरोड़ा) :- डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न लोक कल्याण योजनाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि इन योजनाओं को उचित ढंग से लागू किया जाए, ताकि कोई भी योग्य लाभार्थी सुविधाओं से वंचित न रहे। यहां ज़िला प्रशासकीय कॉम्प्लेक्स में समीक्षा बैठक करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत जिले में बनाए जा रहे कार्डों का जायजा लिया। इस मौके पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) अमनिंदर कौर और अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) तेजदीप सिंह सैणी भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा इस योजना के तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक के नकदरहित इलाज की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने राज्य सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ ज़मीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए एस.डी.एम. को योजना की नियमित निगरानी सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी हिदायत दी कि कार्ड बनाने के लिए लगाए जा रहे कैंपों की लगातार समीक्षा के साथ-साथ ऑपरेटरों से संपर्क बनाए रखा जाए और यदि कहीं कोई समस्या आती है तो उसे तुरंत हल किया जाए, ताकि कार्ड बनाने आने वाले लोगों को कोई असुविधा न हो। उन्होंने इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यापक जागरूकता पर भी ज़ोर दिया। डिप्टी कमिश्नर ने एक अलग बैठक के दौरान स्वामित्व-मेरा घर मेरे नाम योजना के तहत जिले के गांवों में चल रहे ग्राउंड ट्रूथिंग (डोर-टू-डोर सर्वे) के काम की समीक्षा करते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कुछ गांवों में लंबित ग्राउंड ट्रूथिंग का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि नक्शा-1 की ग्राउंड ट्रूथिंग के लिए गांवों में आने वाले पटवारियों को सहयोग दिया जाए। उन्होंने यह भी अपील की कि नक्शा-3 संबंधी आपत्तियां निर्धारित समय के अंदर संबंधित तहसीलदारों को दी जाए, ताकि इनका जल्द से जल्द निपटारा किया जा सके। इस दौरान डिप्टी कमिश्नर ने ईजी रजिस्ट्रेशन और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का भी जायजा लिया। एक अन्य बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर ने जिले में गेहूं की नाड़ को आग लगाने की घटनाओं की प्रभावी रोकथाम के लिए अधिकारियों को फील्ड में पूरी मुस्तैदी बरतने और किसानों को खेतों में आग लगाने के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि खेतों में आग लगने की घटनाओं पर नज़दीकी नज़र रखी जाए और यदि कोई ऐसा मामला सामने आता है तो 24 घंटे के अंदर पड़ताल करके रिपोर्ट करना सुनिश्चित बनाया जाए, ताकि नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई अमल में लाई जा सके। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि लगातार जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से किसानों को फसल की नाड़ जलाने के नुकसान के बारे में जागरूक किया जाए। इसके अलावा पराली के उचित प्रबंधन के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी पर उपलब्ध करवाई जा रही कृषि मशीनरी के बारे में भी जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए किसानों को नाड़ जलाने के नुकसान और वैकल्पिक उपायों के बारे में जानकारी देना बहुत ज़रूरी है। बैठकों में सभी एस.डी.एम., ज़िला राजस्व अधिकारी के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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