जालंधर (अरोड़ा) :- डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर की प्रतियोगी प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित दस-दिवसीय ब्रिज कोर्स अत्यंत उत्साह एवं व्यापक सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में जालंधर के विभिन्न विद्यालयों से 42 विद्यार्थियों ने भाग लिया। दस-दिवसीय ब्रिज कोर्स के समापन सत्र में महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. कुॅंवर राजीव ने मुख्य अतिथि के रूप में गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को ब्रिज कोर्स सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर बधाई दी तथा प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने इस प्रकार के पाठ्यक्रमों को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं भविष्य निर्माण के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न करियर विकल्पों पर मार्गदर्शन प्रदान करते हुए विद्यार्थियों को महाविद्यालय की परामर्श प्रकोष्ठ द्वारा उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रतियोगी प्रकोष्ठ की संयोजिका प्रो. तनु महाजन एवं पूरी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई भी दी।




इस अवसर पर उप-प्राचार्या प्रो. सोनिका दानिया तथा कुलसचिव प्रो. अशोक कपूर की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। प्रतियोगी प्रकोष्ठ की संयोजिका प्रो. तनु महाजन ने अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया तथा ब्रिज कोर्स की दस-दिवसीय यात्रा का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार के निरंतर सहयोग, मार्गदर्शन एवं दूरदर्शी नेतृत्व के लिए आभार व्यक्त किया, जिसके परिणामस्वरूप यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। कार्यक्रम में अनेक प्रतिष्ठित प्राध्यापकों ने विशेषज्ञ एवं मुख्य वक्ताओं के रूप में सहभागिता की, जिनमें प्रो. शरद मनोचा, डॉ. दिनेश, प्रो. शीतल अग्रवाल, प्रो. भरतेंदु सिंगला, प्रो. अनु गुप्ता, प्रो. पंकज गुप्ता, डॉ. निशचय बहल, डॉ. शरणजीत संधू, डॉ. रेणुका मल्होत्रा, डॉ. आशु बहल, डॉ. सीमा दत्ता, प्रो. विशाल शर्मा, डॉ. राजीव पुरी, डॉ. राज कुमार, डॉ. राजन शर्मा तथा डॉ. कोमल नारंग प्रमुख रहे।




कार्यक्रम को अधिक आत्मीय बनाते हुए प्रतिभागी छात्राओं गौरिका एवं रैंसी ने दस-दिवसीय पाठ्यक्रम के दौरान प्राप्त अनुभव साझा किए तथा पाठ्यक्रम से अर्जित ज्ञान एवं विकसित कौशलों के बारे में अपनी प्रतिक्रिया प्रस्तुत की। इस कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. मनप्रीत कौर द्वारा किया गया। अंत में प्रो. तनु महाजन द्वारा औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने विशेष रूप से सभी संसाधन व्यक्तियों के योगदान की सराहना की, जिन्होंने विभिन्न सत्रों का संचालन किया। साथ ही उन्होंने प्रतियोगी प्रकोष्ठ की पूरी टीम—डॉ. वरुण देव, डॉ. मनप्रीत कौर, डॉ. हिना अरोड़ा, प्रो. जस्मीन कौर तथा प्रो. राहुल सेखड़ी—के समन्वयात्मक प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने भरत, पवन एवं संजीव गुलेरिया द्वारा किए गए व्यवस्थागत सहयोग की भी प्रशंसा की, जिनके प्रयासों से सभी सत्र सुचारु रूप से संपन्न हो सके। इस प्रकार, नवप्रवेशी विद्यार्थियों के करियर मार्गदर्शन एवं व्यक्तित्व विकास हेतु आयोजित यह दस-दिवसीय ब्रिज कोर्स अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी सिद्ध हुआ।
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