एपीजे कॉलेज ऑफ़ फाइन आर्ट्स जालंधर में मनाया गया आठवां पोषण पखवाड़ा

जालंधर (अरोड़ा) :- एपीजे कॉलेज ऑफ़ फाइन आर्ट्स,जालंधर में होम साइंस विभाग और एनएसएस विंग ने संयुक्त रूप में पोषण पखवाड़ा का आयोजन किया। इस पोषण पखवाड़े का इस बार का विषय था, मां और शिशु पोषण और आंखों की देखभाल। भारत में आज भी महिलाओं और शिशुओं में खून की कमी और कुपोषण की गंभीर समस्या देखी गई है। माॅं और उनके शिशुओं में यह समस्या भविष्य में कई गंभीर बीमारियों और समस्याओं को जन्म देती है। यह कमजोर पीढ़ी भविष्य में देश को कमजोर बना सकती है। साथ ही हर वर्ग के हर आयु के लोगों में मोबाइल, लैपटॉप, टीवी आदि का प्रयोग स्क्रीन टाइम को नुकसान देय स्तर पर ले आया है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए होम साइंस विभाग की अध्यक्ष डॉ. मोनिका आनंद, ने विद्यार्थियों को संबोधन किया और अपने स्क्रीन टाइम को कम करने के सुझाव दिए।

इसके अतिरिक्त उन्होंने विद्यार्थियों को 20-20-20 के रूल को भी समझाया, जिससे आंखों की सेहत बरकरार रखी जा सके। उन्होंने कॉलेज के विद्यार्थियों को खून की कमी को दूर करने के लिए फल और सब्जियों को अपने प्रतिदिन के आहार में शामिल करने की सलाह भी दी। प्रिंसिपल डॉ. नीरजा ढींगरा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं। विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक उपलब्धियों पर ही नहीं, बल्कि अपने स्वास्थ्य, संतुलित आहार और मानसिक सुख-शांति पर भी समान ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पोषण के प्रति जागरूकता आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, क्योंकि जागरूक युवा ही सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।‌ डॉ. ढींगरा ने डॉ मोनिका आनंद और डॉ सिम्की देव (डीन, एनएसएस) के संयुक्त प्रयत्नों की सराहना की और कहा कि समय अनुसार ऐसे विषयों को उठाकर विद्यार्थियों का ज्ञान बढ़ाते रहें।

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