जालंधर (अरोड़ा) :- एपीजे स्कूल जलंधर मॉडल टाउन में कक्षा पहली और दूसरी के छात्रों के लिए एक जीवंत और आकर्षक वंडर किड्स फिएस्टा का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन एपीजे सोसाइटी की अध्यक्षा सुषमा पाल बर्लिया के नेतृत्व मे किया गया । यह तीन दिवसीय कार्यक्रम रचनात्मक और मौज-मस्ती से भरी गतिविधियों पर आधारित था। पहले दिन की शुरुआत ज्ञानवर्धक वर्कशॉप्स के साथ हुई, जिन्होंने छात्रों की कल्पना शक्ति और कलात्मक अभिव्यक्ति को नई उड़ान दी। डॉ. नीतू वैद शर्मा द्वारा आयोजित कहानी सुनाने के सत्र ने बच्चों के मन को मोह लिया, जिससे उनमें रचनात्मकता और अपनी बात कहने का आत्मविश्वास बढ़ा। इसके बाद स्वाति सेठ कात्याल द्वारा सुलेख (कैलिग्राफी) की एक वर्कशॉप आयोजित की गई, जिसमें छात्रों ने लिखावट की सुंदरता और कलात्मक अक्षरों की बारीकियों को समझा।दिन को एक व्यावहारिक आयाम देते हुए और बच्चों की फाइन मोटर स्किल्स (हाथों की बारीक हरकतों) का विकास करने के लिए बारा सिंह डोल द्वारा मिट्टी के बर्तन बनाने की एक वर्कशॉप आयोजित की गई। इसमें बच्चों को अपने हाथों से कुछ रचने का अनुभव मिला। वर्कशॉप के दूसरे दिन छात्र परिंदे डांस अकैडमी गए, जहाँ उन्होंने राजन स्याल के नेतृत्व में एक ऊर्जावान और आनंदमय वर्कशॉप में भाग लिया। यह सत्र उत्साह, लय और आनंदमय गतिविधियों से भरा हुआ था, जिससे बच्चों को खुलकर अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का अवसर मिला। तीसरा दिन शारीरिक गतिविधियों और अनुभव-आधारित था।



सरन प्रीति के नेतृत्व में साइकिल चलाने की एक गतिविधि आयोजित की गई, जिसने छात्रों के बीच फिटनेस और तालमेल को बढ़ावा दिया। इस दिन का एक मुख्य आकर्षण साइकिल जोड़ने की गतिविधि (Cycle Assemble Activity) थी। इस दिलचस्प और व्यावहारिक कार्य में, बच्चों को एक साइकिल के अलग-अलग पुर्जे दिए गए। ज़मीन पर एक चित्र (डायग्राम) बनाया गया था, और छात्रों ने मिलकर काम करते हुए साइकिल के हर पुर्जे को सही जगह पर लगाया, जिससे साइकिल का ढांचा पूरा हो गया। इस गतिविधि ने न केवल सीखने की प्रक्रिया को मज़ेदार बनाया, बल्कि बुनियादी यांत्रिकी (mechanics) और टीम वर्क के प्रति उनकी समझ को भी बढ़ाया।दिन को और भी आनंदमय बनाने के लिए ITC फॉर्च्यून, जालंधर के शेफ संदीप सिंह ने बिना आग के खाना बनाने का एक सत्र आयोजित किया। छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ आसान व्यंजन बनाने में भाग लिया और एक सुरक्षित तथा सुखद माहौल में खाना पकाने के बुनियादी कौशल सीखे। वंडर किड्स फिएस्टा का समापन एक उत्सवपूर्ण माहौल में हुआ। वर्कशॉप्स को सफलतापूर्वक पूरा करने पर सभी प्रतिभागी छात्रों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम एक ओपन स्कूल कार्यक्रम था जिसमें दूसरे स्कूल के विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम की सफलता का श्रेय प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार चंदेल के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर प्रोत्साहन को जाता है।
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