जालंधर (अरोड़ा) :- हंसराज महिला महाविद्यालय ,जालंधर के स्नातकोत्तर जूलॉजी विभाग द्वारा प्राचार्या डॉ. एकता खोसला के कुशल मार्गदर्शन में मृदा एवं पौधों की जड़ों से नेमाटोड का पृथक्करण एवं पहचान विषय पर एक सेमिनार-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नेमाटोलॉजी तथा कृषि अनुसंधान से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकों का सैद्धांतिक ज्ञान एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था। इस सेमिनार की मुख्य वक्ता डॉ. पूजा ओहरी, प्रोफेसर, जूलॉजी विभाग, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या डॉ. एकता खोसला एवं डॉ. सीमा मारवाहा, डीन अकादमिक्स एवं विभागाध्यक्ष, जूलॉजी विभाग द्वारा मुख्य अतिथि को ग्रीन प्लांटर भेंट कर किया। डॉ. पूजा ओहरी ने अपने व्याख्यान में कृषि में पादप परजीवी नेमाटोड्स के महत्व तथा फसल उत्पादकता पर उनके प्रभाव को विस्तार से बताया। उन्होंने नेमाटोड प्रबंधन के लिए पर्यावरण अनुकूल उपायों पर प्रकाश डाला तथा सतत कृषि पद्धतियों के महत्व पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक अनुभव साझा करते हुए शोध कार्य में समर्पण और निरंतरता के लिए प्रेरित किया। उनका व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा और उन्हें वैज्ञानिक अनुसंधान के नए आयामों की ओर अग्रसर किया।
Check Also
नवजीवन वेलफेयर सोसाइटी, जालंधर द्वारा PiMS अस्पताल जालंधर के सहयोग से सितंबर माह में चार गांवों में मुफ्त मेडिकल कैंप आयोजित किए
जालंधर (मक्कड़) :- नवजीवन वेलफेयर सोसाइटी, जालंधर द्वारा PiMS अस्पताल जालंधर के सहयोग से सितंबर …
Jiwanjot Savera