राष्ट्रीय लोक अदालत में 47,452 मुकदमों का समझौते के जरिए निपटारा

50 करोड़ रुपये से अधिक के अवॉर्ड निपटाए गए

जालंधर (अरोड़ा) :- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के अनुसार तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश-कम-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जालंधर निर्भयउ सिंह गिल के नेतृत्व में आज जालंधर, फिल्लौर और नकोदर के न्यायिक अदालत परिसरों में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। इस लोक अदालत में सभी प्रकार के अदालतों में लंबित सिविल केस, विवाह संबंधी मामले, एम.ए.सी.टी. केस, समझौता योग्य फौजदारी मामले, ट्रैफिक चालान तथा बैंकों, वित्तीय संस्थाओं, बी.एस.एन.एल., पी.एस.पी.सी.एल. और माल विभाग से संबंधित मुकदमों से पहले वाले मामले आदि सुनवाई के लिए लिए गए। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला एवं सेशन न्यायाधीश-कम-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जालंधर निर्भयउ सिंह गिल ने बताया कि जालंधर में 22, फिल्लौर में 3 और नकोदर में 02 कुल 27 बैंचों का गठन किया गया था। उन्होंने आगे बताया कि लोक अदालत में कुल 48,354 मामले सुनवाई के लिए लिए गए और इनमें से 47,452 मामलों का समझौते के माध्यम से निपटारा किया गया।

लोक अदालत में 50,33,19,790/- (पचास करोड़ तैंतीस लाख उन्नीस हजार सात सौ नब्बे रुपये) के अवॉर्ड निपटाए गए। सी.जे.एम.-कम-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जालंधर राहुल कुमार ने जालंधर में गठित बैंचों का निरीक्षण भी किया। आज की लोक अदालत में एक मामले में माननीय अदालत द्वारा एक मां की याचिका पर फैसला करते हुए उसके बेटे को 10,000/- रुपये मासिक खर्च के रूप में देने संबंधी दोनों पक्षों की सहमति से फैसला हुआ। जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने आगे बताया कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को तेजी से न्याय मिलता है। लोक अदालत का फैसला अंतिम होता है और इस फैसले के विरुद्ध कोई अपील दायर नहीं की जा सकती। फैसला दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते के आधार पर दिया जाता है। लोक अदालतें सामुदायिक सौहार्द बढ़ाती हैं। इसके अलावा, याचिकाकर्ता द्वारा अदालत में जमा की गई कोर्ट फीस भी वापस कर दी जाती है। इस संबंध में सी.जे.एम.-कम-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राहुल कुमार ने बताया कि समय-समय पर लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है ताकि मामलों का निपटारा आपसी समझौते से किया जा सके। लोक अदालत में केस लगाने और किसी भी कानूनी मामले के बारे में सलाह/मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में जानकारी के लिए कोई भी व्यक्ति टोल-फ्री नंबर 15100 पर संपर्क कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि अगली लोक अदालत 09.05.2026 को लगेगी। इस मौके पर जिला बार एसोसिएशन, जलंधर के अध्यक्ष, सचिव और पदाधिकारी उपस्थित थे।

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