आई.के.जी पी.टी.यू में हेल्दी लाइफस्टाइल एवं स्ट्रेस मैनेजमेंट पर एक इंटरैक्टिव सेशन का आयोजन

डॉ. त्रिमान सिंह सिकंद, डी.एम न्यूरोलॉजी फोर्टिस हॉस्पिटल जालंधर रहे रिसोर्स पर्सन

जालंधर (अरोड़ा) :- आई.के.गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (आई.के.जी पी.टी.यू) के स्टूडेंट वेलफेयर डिपार्टमेंट एवं सेंटर फॉर एक्सटेंशन एंड आउटरीच एक्टिविटीज़ ने अपने स्टूडेंट्स, रिसर्च स्कॉलर, फैकल्टी एवं स्टाफ मेंबर्स के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल एवं स्ट्रेस मैनेजमेंट विषय पर एक इंटरैक्टिव सेशन ऑर्गनाइज़ किया। प्रो. (डॉ.) सुशील मित्तल, कुलपति (वाइस चांसलर) इस मौके पर चीफ गेस्ट के तौर पर मौजूद थे। डॉ. त्रिमान सिंह सिकंद, डी.एम न्यूरोलॉजी एवं एफ.आई.एन.आर–इंटरवेंशन न्यूरो-रेडियोलॉजी, फोर्टिस हॉस्पिटल, जालंधर रिसोर्स पर्सन एवं गेस्ट ऑफ ऑनर रहे। डॉ. कपिल गुप्ता, असिस्टेंट प्रोफेसर (मैनेजमेंट) एवं सेंटर फॉर एक्सटेंशन एंड आउटरीच एक्टिविटीज़ के कोऑर्डिनेटर ने आए हुए सभी मेहमानों का स्वागत किया एवं सेशन के विषय को साँझा किया। वी.सी प्रो. (डॉ.) सुशील मित्तल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बढ़ते डिजिटल एंगेजमेंट, डेडलाइन के दबाव और ज़बरदस्त कॉम्पिटिशन के आज के ज़माने में, हेल्दी लिविंग और स्ट्रेस मैनेजमेंट का टॉपिक ज़रूरी है। उन्होंने बैलेंस्ड एवं हेल्दी ज़िंदगी जीने के लिए मज़बूत वैल्यू सिस्टम, स्पिरिचुअल ग्राउंडिंग एवं परिवार में खुलकर बातचीत के महत्व पर ज़ोर दिया। डॉ. त्रिमान सिंह सिकंद ने अपनी प्रोफेशनल समझ शेयर की एवं साफ़ किया कि हर सिरदर्द को एक गंभीर मेडिकल कंडीशन नहीं समझना चाहिए।

उन्होंने बताया कि कैसे एक आसान एवं हेल्दी लाइफस्टाइल अलग-अलग तरह के सिरदर्द एवं स्ट्रेस से जुड़ी दिक्कतों को रोकने व मैनेज करने में मदद कर सकती है। उन्होंने उन चेतावनी देने वाले लक्षणों के बारे में भी बताया जिनके लिए स्ट्रोक या पैरालिसिस जैसी दिक्कतों को रोकने के लिए समय पर मेडिकल मदद की ज़रूरत होती है। ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में “समय बहुत ज़रूरी है” इस बात पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने कहा कि गोल्डन पीरियड में हॉस्पिटल लाए गए मरीज़ों का अक्सर सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है। उन्होंने असल ज़िंदगी के ऐसे उदाहरण शेयर किए जहाँ मरीज़ समय पर इलाज के बाद पूरी तरह ठीक हो गए। इस सेशन में स्टूडेंट्स, फैकल्टी और स्टाफ मेंबर्स ने एक्टिव हिस्सा लिया, जिसमें उन्होंने सिरदर्द, माइग्रेन और ब्रेन स्ट्रोक से जुड़े सवालों के जवाब दिए और अच्छी बातचीत की। प्रो. (डॉ.) सतवीर सिंह, डीन स्टूडेंट वेलफेयर ने इंटरैक्टिव सेशन की तारीफ़ की और कहा कि ऐसे अवेयरनेस प्रोग्राम ज़रूरी हैं, क्योंकि समय पर जानकारी और माइंडफुलनेस से जान बचाई जा सकती है। उन्होंने मुश्किल मेडिकल कॉन्सेप्ट को आसान और साफ़ तरीके से समझाने के लिए डॉ. सिकंद को धन्यवाद दिया। यूनिवर्सिटी के फाइनेंस ऑफिसर डॉ. सुखबीर सिंह वालिया ने सेशन को सपोर्ट किया। सेशन फॉर्मल वोट ऑफ़ थैंक्स के साथ खत्म हुआ।

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