खराब मौसम को देखते हुए डिप्टी कमिश्नर ने खरीद केंद्रों में तिरपाल के उचित प्रबंध सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

जिले की मंडियों में गेहूं की खरीद निर्बाध जारी, 4 लाख 89 हजार मीट्रिक टन फसल की हुई खरीद किसानों को 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से गेहूं की पराली न जलाने की अपील की

जालंधर (अरोड़ा) :- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा मंडियों में गेहूं की निर्विघ्न खरीद की जा रही है और किसानों व मजदूरों की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए है। इसके अलावा सरकार ने खराब मौसम को देखते हुए मंडियों में प्रत्येक प्रबंध करने के निर्देश दिए है। पंजाब सरकार की किसानों की फसल ना खराब होने देने की वचनबद्धता दोहराते हुए डिप्टी कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की सभी मंडियों में गेहूं की फसल को भीगने से बचाने के लिए तिरपाल आदि का उचित प्रबंध किया जाए। उन्होंने कहा कि कल से मौसम खराब है, इसलिए गंभीरता दिखाई जाए। डा. अग्रवाल ने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खरीद प्रक्रिया की जानकारी देते हुए डा.अग्रवाल ने बताया कि जिले की मंडियों में गेहूं की खरीद निर्बाध ढंग से जारी है तथा कल तक जिले की मंडियों से 4,89,586 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि जिले की मंडियों में 4,95,326 मीट्रिक टन गेहूं की आमद हो चुकी है, जिसमें से 4,89,586 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद विभिन्न खरीद एजेंसियों द्वारा की जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि पनग्रेन ने 1,59,967 मीट्रिक टन, मार्कफेड ने 1,33,969, पनसप ने 1,09,803, पंजाब स्टेट वेयरहाउस कार्पोरेशन ने 55,863, एफसीआई ने 25,601 मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीद की है, जबकि निजी व्यापारियों ने 4,382 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। डा.अग्रवाल ने बताया कि खरीदी गई फसल का भुगतान भी साथ-साथ किया जा रहा है तथा 1152 करोड़ रुपये की राशि किसानों के बैंक खातों में जमा कर दी गई है। उन्होंने कहा कि खरीद सीजन को उचित और निर्बाध ढंग से पूरा करने तथा गेहूं की बंपर पैदावार सुनिश्चित करने के लिए जिले में 79 स्थाई मंडियों के अलावा 23 अस्थाई मंडियां भी स्थापित की गई है तथा अधिकारियों को फसल की लिफ्टिंग एक साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। किसानों की फसल खरीदने की पंजाब सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुए डा. हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि किसानों को मंडियों में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि पूरी खरीद प्रक्रिया बिना किसी बाधा के उचित ढंग से चले। पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए उन्होंने किसानों से गेहूं की पराली व अन्य अपशिष्ट न जलाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि आग लगाने से भूमि की उर्वरता कम होती है तथा मिट्टी में मौजूद मित्र कीट भी मर जाते है।

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