दर्शन अकादमी में क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन

जालंधर (कुलविंदर) :- दर्शन अकादमी, जालंधर में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत शिक्षकों के लिए एक विशेष क्षमता निर्माण कार्यक्रम (Capacity Building Program) कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य विषय अभिभावकों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत होने वाले मूल्यांकन सुधारों और बच्चों के समग्र विकास से अवगत कराना था। कार्यक्रम में शिक्षा जगत के जाने-माने विशेषज्ञों ने बतौर मुख्य संसाधन व्यक्ति गौरव शर्मा (पी.जी.टी., कैम्ब्रिज इंटरनेशनल स्कूल, होशियारपुर) रजनी रानी (उप-प्राचार्य, सी.जे.एस. स्कूल, जालंधर)अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। विद्यालय प्रधानाचार्य दिनेश सिंह जी ने पौधा भेंट कर दोनों संसाधन व्यक्तियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्राजूलन के साथ किया गया। विशेषज्ञों ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि बच्चों की शिक्षा में केवल अंकों के मूल्यांकन के बजाय सीखने की प्रक्रिया के मूल्यांकन पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय कौशल और विश्लेषणात्मक सोच विकसित हो सके।

कार्यशाला में चर्चा की गई कि कैसे नई शिक्षा नीति रटने की प्रवृत्ति को समाप्त कर वैचारिक स्पष्टता को बढ़ावा देती है। छात्रों के मानसिक और व्यावहारिक विकास को मापने के लिए सेमेस्टर सिस्टम, मॉड्यूलर परीक्षाएं और योग्यता-आधारित मूल्यांकन को अपनाने पर विस्तार से जानकारी दी गई। राष्ट्रीय मूल्यांकन नियामक PARAKH और कक्षा 3, 5 व 8 के लिए SAFAL आकलन के महत्व को समझाया गया, जिससे बोर्ड परीक्षाओं के तनाव को कम किया जा सके। छात्रों के संज्ञानात्मक, भावनात्मक और मनोप्रेरक डोमेन का 360-डिग्री मूल्यांकन करने वाले नए प्रोग्रेस कार्ड के बारे में अभिभावकों को विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यशाला के दौरान अभिभावकों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया और अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। वक्ताओं ने अभिभावकों को यह समझाया कि वे किस प्रकार घर पर बच्चों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी स्व-मूल्यांकन और सहकर्मी मूल्यांकन की क्षमता को विकसित कर सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन द्वारा सभी आगत अतिथियों, संसाधन व्यक्तियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया गया। इस प्रकार के आयोजनों से स्कूल और परिवार के बीच समन्वय मजबूत होता है और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव सुदृढ़ होती है। विद्यालय की मुख्य सह समन्वयक ने आए हुए अतिथियों का आभार प्रकट किया।

About newsadmin

Check Also

एचएमवी में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु ‘साइएनर्जी 2026’ का आयोजन

जालंधर (अरोड़ा) :-हंसराज महिला महाविद्यालय, जालंधर के पीजी मनोविज्ञान विभाग द्वारा प्राचार्या डॉ. एकता खोसला …