जालंधर (अरोड़ा) :- डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर के स्किल डेवलपमेंट सेंटर ने 27 एवं 28 अक्टूबर, 2026 को करवा चौथ का पर्व अत्यंत उत्साह, रचनात्मकता एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया। दो दिवसीय इस आयोजन में विद्यार्थियों एवं महाविद्यालय के कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे महाविद्यालय परिसर उत्सव के रंगों से सराबोर हो उठा। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण सुंदर ढंग से सजाए गए विभिन्न स्टॉल रहे, जिनमें मेहंदी, नेल आर्ट, आभूषण एवं चूड़ियों के स्टॉल विशेष रूप से उल्लेखनीय थे। विद्यार्थियों ने इन स्टॉलों के माध्यम से अपनी कलात्मक प्रतिभा एवं रचनात्मक कौशल का प्रदर्शन किया।




मेहंदी लगाने तथा नेल आर्टसे संबंधित गतिविधियों को विशेष सराहना मिली। महाविद्यालय के कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने इन गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करते हुए पर्व का भरपूर आनंद लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ उपप्राचार्य प्रो. कुँवर राजीव, उप-प्राचार्या प्रो. सोनिका दानिया, प्रो. शरद मनोचा, कौशल विकास केंद्र की समन्वयक डॉ. सीमा शर्मा, प्रो. पूजा शर्मा, डॉ. सपना एवं डॉ. रिचा नांगला ने किया। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा एवं उत्साह को और बढ़ा दिया। कौशल विकास केंद्र के विद्यार्थियों तथा प्रशिक्षिका प्रो. लवलीन ने इस आयोजन में सक्रिय सहभागिता निभाई और इसे जीवंत एवं स्मरणीय बनाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। इस उत्सव ने विद्यार्थियों को अपने व्यावहारिक कौशल, कलात्मक प्रतिभा एवं उद्यमशीलता संबंधी क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान किया। इसके अतिरिक्त, 16 अक्टूबर, 2026 को आयोजित मेहंदी प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार ने करवा चौथ के पावन अवसर पर सभी को शुभकामनाएँ दीं तथा इस आयोजन को सफल बनाने में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों द्वारा किए गए समर्पित प्रयासों की सराहना की।




कौशल विकास केंद्र की समन्वयक डॉ. सीमा शर्मा ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी रचनात्मकता, उत्साह एवं सक्रिय सहभागिता की प्रशंसा की। उन्होंने विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल एवं आत्मविश्वास विकसित करने में ऐसी गतिविधियों की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर भी बल दिया। दो दिवसीय यह उत्सव हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन में रचनात्मकता, पारंपरिक उत्सव के रंगों एवं आनंद का सुंदर समन्वय देखने को मिला। यह कार्यक्रम सामूहिक सहयोग की भावना तथा कौशल विकास केंद्र की उस प्रतिबद्धता का परिचायक रहा, जिसके अंतर्गत रोचक एवं व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को कौशल-आधारित शिक्षा प्रदान करने और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए निरंतर प्रयास किए जाते हैं।
Jiwanjot Savera