एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स, जालंधर में इनोविस्टा 2026 – हेरिटेज टू फ्यूचर का भव्य आयोजन

जालंधर (अरोड़ा) :- एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स, जालंधर के इंटीरियर डिजाइन विभाग द्वारा विश्व वास्तुकला दिवस के अवसर पर अपने तरह के प्रथम कार्यक्रम इनोविस्टा 2026 का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम का केंद्रीय विषय हेरिटेज टू फ्यूचर – विरासत से भविष्य तक है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को हमारी समृद्ध वास्तुकला विरासत को समझने, उसकी पुनर्व्याख्या करने और उसे भविष्य के डिजाइन में ले जाने के लिए प्रेरित करना है। इनोविस्टा की इस प्रदर्शन में मुख्य अतिथि के रूप में गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो आर्कीटेक्ट डॉ करमजीत सिंह चाहल उपस्थित हुए।इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में एपीजे एजुकेशन जालंधर की निदेशक डॉ सुचरिता शर्मा उपस्थित हुई। एपीजे एजुकेशन जालंधर के बोर्ड ऑफ गवर्नर के सदस्य निर्मल महाजन भी इस कार्यक्रम में उपस्थित हुए। प्राचार्य डॉ नीरजा ढींगरा ने इस अवसर पर अतिथिवृंद का अभिनंदन करते हुए कहा कि कल हमने अपने संस्थापक अध्यक्ष डॉ सत्यपाॅल जी की जयंती को मनाया है और अभी हम वर्ल्ड आर्किटेक्चर डे पर विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई सृजनात्मक एवं सुंदर प्रदर्शनी का आयोजन कर रहे हैं जिसमें विरासत के साथ-साथ सृजनात्मकता और आधुनिकता का सुंदर संगम किया गया है यह सच में डॉ सत्यपाॅल जी को सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि एपीजे एजुकेशन सत्या एंड स्वर्ण ग्रुप की अध्यक्ष तथा एपीजे सत्या यूनिवर्सिटी की चांसलर सुसंस्कृत, उर्जावान, कर्तव्यनिष्ठ, दूरदर्शी सुषमा पॉल बर्लिया के निर्देशन में तथा कोओनर एंड डायरेक्टर फैमिली बिज़नेस बोर्ड एपीजे सत्या एंड स्वर्ण ग्रुप, लीड एजुकेशन वर्टिकल ऑफिस बियरर एपीजे एजुकेशन डॉ नेहा बर्लिया के प्रोत्साहन से हम इस तरह के आयोजन करने में सफल होते हैं।

डॉ ढींगरा ने प्रोफेसर आर्किटेक्ट करमजीत सिंह चाहल जी का अभिनंदन करते हुए कहा कि आपका आगमन निश्चित रूप से हमारे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है क्योंकि आप एक निष्णात शिक्षाविद् होने के साथ-साथ एक सृजनात्मक आर्किटेक्ट भी है, डॉ सुचरिता का अभिनंदन करते हुए डॉ ढींगरा ने कहा कि हम वास्तव में भाग्यशाली हैं कि मैडम ने एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स जालंधर को जिन बुलंदियों तक पहुंचाया है हम उन बुलंदियों तक टिके रहने का तथा उससे और आगे बढ़ने का संभव प्रयास करते हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रोफेसर आर्किटेक्ट डॉ करमजीत सिंह चाहल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे बहुत प्रसन्नता एवं गर्व है कि एपीजे कॉलेज के इंटीरियर डिजाइन के विद्यार्थी वर्ल्ड आर्किटेक्चर डे को मना रहे हैं और इसके महत्व को समझ रहे हैं आने वाले समय में निश्चित रूप से सस्टेनेबल आर्किटेक्चर की वजह से हम अपनी पर्यावरण को सुरक्षित रख सकते हैं, जिस तरह से विद्यार्थियों ने विरासत को सहेजे हुए इनोवेशन के साथ भविष्य को ध्यान में रखते हुए मॉडल तैयार किए हैं वह प्रेरणादायी है, उन्होंने कहा मुझे उम्मीद है कि आप भविष्य में भी इस परंपरा को बनाए रखेंगे।इनोविस्टा 2026 में 15 वास्तुकला मॉडलों की प्रदर्शनी लगाई गई जिसका मुख्य उद्देश्य अपनी विरासत को समाहित करते हुए सृजनात्मकता का आधार लिए हुए सस्टेनेबल माडल तैयार करना था ताकि इंटीरियर डिजाइन के क्षेत्र में हम जितने भी आगे बढ़े अपने पर्यावरण को नुकसान ना पहुंचाएं।इस आयोजन का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए 15 वास्तुकला मॉडल हैं, जो भारतीय और वैश्विक वास्तुकला की विविधता को दर्शाते हैं। इनमें ग्रीक वास्तुकला, डच एम्स्टर्डम, मुगल वास्तुकला, राजस्थानी आंगन, जयपुरी वास्तुकला, दक्षिण भारतीय मंदिर वास्तुकला, तमिल आंगन, इस्लामिक वास्तुकला, पंजाबी वास्तुकला, कोलोनियल बंगला, जापान, बॉटनिकल गार्डन, विला सवोये, कुतुब से भविष्य तक और फ्यूचरिस्टिक वास्तुकला जैसे विषय शामिल हैं।

इस प्रदर्शनी में निर्णायक मंडल के रूप में प्रतिष्ठित आर्किटेक्ट्स आर. मनमीत कौर प्रिंसिपल आर्किटेक्ट, द आर्क, आर. दविंदर पाल सिंह प्रिंसिपल आर्किटेक्ट, द आर्किटेक्ट्स,आर. सीरत वर्मा प्रिंसिपल आर्किटेक्ट, आउट ऑफ द बॉक्स, निर्णायकगण ने अपना निर्णय देते हुए पंजाबी मॉडल को प्रथम, इस्लामिक मॉडल को द्वितीय, बोटैनिकल गार्डन को तृतीय तथा राजस्थानी कोर्टयार्ड एवं ग्रीस को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।इनोविस्टा 2026 के दौरान विभाग के उन प्रतिभाशाली पूर्व छात्रों को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने डिजाइन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है:
दीप नेहा (बैच 2012) डिजाइन स्टूडियो बाय दीप नेहा
आंचल मदान (बैच 2015) इनसिंक इंटीरियर्स
रोहित मलिक एवं निहारिका मलिक (बैच 2019) – बिस्पोक डिजाइन कंपनी
इस पूरे आयोजन की परिकल्पना और सफल आयोजन के लिए प्राचार्य डॉ नीरजा ढींगरा ने इंटीरियर डिजाइन विभाग की अध्यक्ष आर्किटेक्ट रजनी कुमार एवं विभाग के सभी फैकल्टी सदस्यों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे भविष्य में भी इसी तरह के आयोजन करते रहे ताकि विद्यार्थियों की प्रतिभा को एक नया मंच प्राप्त हो सके।

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