जालंधर (अरोड़ा) :- मेयर वर्ल्ड स्कूल में बुधवार, 26 अगस्त 2026 को कक्षा छठी से आठवीं के विद्यार्थियों के लिए ‘संख्याओं से परे गणित’ विषय पर एक रोचक एवं ज्ञानवर्धक अंतर-सदनीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को यह समझाना था कि गणित केवल संख्याओं और सूत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि विज्ञान, कला, नृत्य और खेल सहित जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से उसका गहरा संबंध है। प्रतियोगिता में चारों सदनों ने पूरे उत्साह, आत्मविश्वास और रचनात्मकता के साथ भाग लिया। वर्ड्सवर्थ
सदन ने विज्ञान में गणित के प्रयोग को प्रस्तुत किया, शेक्सपियर सदन ने कला में गणित की भूमिका को दर्शाया, कीट्स सदन ने नृत्य में गणितीय अवधारणाओं को अभिव्यक्त किया, जबकि डिकेंस सदन ने खेलों में गणित के महत्त्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों और नवीन विचारों के माध्यम से यह सिद्ध किया कि गणित हमारे दैनिक जीवन के लगभग प्रत्येक क्षेत्र में किसी न किसी रूप में विद्यमान है।



प्रतियोगिता का निर्णयन आर्कवाल आर्किटेक्ट्स के वास्तुकार जसकीरत सिंह, जिनके पास 15 वर्षों का व्यावसायिक अनुभव है, तथा मेयर वर्ल्ड स्कूल के अंग्रेज़ी विभाग की प्रमुख तनुप्रिया ने किया। निर्णायकों ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, सृजनात्मकता, सामूहिक कार्यभावना तथा गणितीय अवधारणाओं को रोचक ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता की सराहना की। कड़े मुकाबले के पश्चात कीट्स सदन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विजेता दल में पार्थ गर्ग (आठवीं-D), गनीव (आठवीं-D), काव्या (सातवीं-C) और अमन्या अरोड़ा (छठी-D) शामिल रहे। शेक्सपियर सदन और वर्ड्सवर्थ सदन ने संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि डिकेंस सदन तृतीय स्थान पर रहा। यह प्रतियोगिता अनुभवात्मक अधिगम का उत्कृष्ट उदाहरण रही। इसने विद्यार्थियों को गणित को पारंपरिक दृष्टिकोण से हटकर व्यापक, व्यावहारिक और सृजनात्मक दृष्टि से समझने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय की उप-प्रधानाचार्या सुश्री चारू त्रेहन ने विजेता विद्यार्थियों को बधाई दी तथा सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस अभिनव प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए गणित विभाग को भी बधाई दी। मेयर वर्ल्ड स्कूल का प्रबंधन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर ऐसी ज्ञानवर्धक एवं अनुभवात्मक गतिविधियों का आयोजन करता रहता है, जो उन्हें कक्षा-कक्ष से बाहर सीखने के अवसर प्रदान करने के साथ-साथ अपनी सृजनात्मकता, आत्मविश्वास और प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर भी देती हैं।
Jiwanjot Savera