डी.ए.वी. कॉलेज जालंधर ने ऐतिहासिक बिक्रमपुरा आर्य समाज में आयोजित 141वें वेद कथा सप्ताह में सहभागिता की

जालंधर (अरोड़ा) :- जालंधर के ऐतिहासिक बिक्रमपुरा आर्य समाज में आयोजित 141वें वेद कथा सप्ताह के अंतर्गत डी.ए.वी. कॉलेज जालंधर के विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों ने दैनिक हवन-यज्ञ में सक्रिय सहभागिता की। इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को आर्य समाज की समृद्ध आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक विरासत तथा महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती के आदर्शों से परिचित होने का अवसर प्राप्त हुआ। डी.ए.वी. कॉलेज जालंधर के विद्यार्थियों के एक बड़े एवं उत्साहपूर्ण समूह ने महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं छात्रावास अधीक्षकों के मार्गदर्शन में पवित्र हवन-यज्ञ में सहभागिता की। यह सहभागिता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार के कुशल एवं गतिशील नेतृत्व में संपन्न हुई। उनका सर्वांगीण शिक्षा पर विशेष बल विद्यार्थियों को अनुशासन, चरित्र-निर्माण, सेवा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे जीवन-मूल्यों से जुड़े रहने के लिए प्रेरित करता है। महाविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ उपप्राचार्य डॉ. कुँवर राजीव, उप-प्राचार्या प्रो. सोनिका दानिया, प्रो. शरद मनोचा, डॉ. रितु तलवाड छात्रावास अधीक्षिका रुमिला, रेनू महाजन तथा अजय ठाकुर शामिल रहे। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों का साथ दिया तथा उनका मार्गदर्शन किया। हवन-यज्ञ भक्ति, शांति एवं आध्यात्मिक चिंतन के वातावरण में संपन्न हुआ। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने कार्यक्रम में युवा ऊर्जा का संचार किया। उन्हें सामूहिक प्रार्थना एवं हवन की वैदिक परंपरा का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। इस प्रकार की सहभागिता युवा पीढ़ी के उस सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से जुड़ाव को सुदृढ़ करती है, जो डी.ए.वी. आंदोलन का अभिन्न अंग रही है।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण आर्य समाज के वरिष्ठ नेता एवं प्रधानाचार्य-मंत्री इंद्रजीत तलवाड का ज्ञानवर्धक संबोधन रहा। उन्होंने बिक्रमपुरा आर्य समाज के रोचक ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। विभिन्न प्रसंगों एवं ऐतिहासिक संदर्भों के माध्यम से उन्होंने उपस्थित जनसमूह को महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती के साथ इस ऐतिहासिक स्थल के गहरे संबंध से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि ऐसा माना जाता है कि देशभर में अपनी व्यापक यात्राओं के दौरान महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती ने इस आर्य समाज में लगभग 40 दिन व्यतीत किए थे। इस कारण यह स्थान उन महत्वपूर्ण स्थलों में से एक माना जाता है, जहाँ महान समाज-सुधारक ने पर्याप्त समय बिताया था। उनके संबोधन ने आर्य समाज के इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय को जीवंत कर दिया तथा विद्यार्थियों को उस स्थान के ऐतिहासिक महत्व को समझने का अवसर प्रदान किया, जहाँ यह आयोजन किया जा रहा था। कार्यक्रम में संयुक्त मंत्री रविंदर शर्मा तथा डी.ए.वी. कॉलेज प्रबंधक समिति के अजय गोस्वामी की गरिमामयी उपस्थिति ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। यह आयोजन डी.ए.वी. संस्थानों एवं आर्य समाज आंदोलन के मध्य स्थापित गहरे एवं स्थायी संबंधों की सार्थक स्मृति बना। महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा प्रतिपादित शिक्षा, समाज-सुधार, तार्किक चिंतन, समानता, आत्मानुशासन एवं सेवा जैसे आदर्श आज भी डी.ए.वी. संस्थानों की शैक्षिक विचारधारा में स्पष्ट रूप से प्रतिबिंबित होते हैं। अतः 141वें वेद कथा सप्ताह में डी.ए.वी. कॉलेज जालंधर की सहभागिता मात्र औपचारिकता नहीं थी, बल्कि विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों के लिए एक ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक अनुभव रही। इस अवसर ने आध्यात्मिक अनुभूति को ऐतिहासिक ज्ञान के साथ जोड़ने का अवसर प्रदान किया तथा चरित्र-निर्माण, अनुशासन एवं सेवा जैसे उन मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ किया, जो डी.ए.वी. की शैक्षिक परंपरा के प्रमुख आधार हैं। डी.ए.वी. कॉलेज जालंधर अपने विद्यार्थियों को ऐसे अनुभव प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है, जो उनके बौद्धिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक विकास में योगदान दें तथा उन्हें समाज के उत्तरदायी, संवेदनशील एवं मूल्यनिष्ठ नागरिक बनने के लिए प्रेरित करें।

Check Also

सेंट सोल्जर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में फ्रेशर समारोह का आयोजन

जालंधर (अजय छाबड़ा) :- सेंट सोल्जर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में नए विद्यार्थियों के …