अमृतसर (प्रदीप) :- बी बी के डीएवी कॉलेज की हिंदी एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शैली जग्गी के बतौर मुख्य वक्ता संबोधन के साथ आज खालसा कॉलेज के हिंदी विभाग में ‘हिंदी सप्ताह उत्सव’ और हिंदी दिवस का समापन समारोह संपन्न हुआ। सात दिवसीय इस आयोजन के दौरान कॉलेज के विभिन्न विभागों के लगभग 85 विद्यार्थियों ने निबंध लेखन, काव्य गोष्ठी, कोलाज मेकिंग और रंगोली जैसी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। समारोह के अध्यक्षीय संबोधन में प्रिंसिपल डॉ. आतम सिंह रंधावा ने कहा कि पंजाबियों की ध्वन्यात्मक क्षमता इतनी व्यापक है कि वे किसी भी भाषा के लहजे को सहजता से अपना लेते हैं, यही वजह है कि वे हिंदी को भी एक संपर्क भाषा के रूप में आत्मसात करते हैं। मुख्य वक्ता डॉ. शैली जग्गी ने हिंदी पत्रकारिता पर विचार रखते हुए कहा कि सोशल मीडिया जैसे नए माध्यमों ने हिंदी के विद्यार्थियों के लिए रोजगार के व्यापक द्वार खोले हैं। आपने हिन्दी की महिमा पर अपनी स्वरचित रचा भी पढ़ी।


वहीं, विशिष्ट वक्ता डॉ. पूनम महाजन ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने हमेशा देश के राजनीतिक और जन-आंदोलनों को सशक्त आवाज़ दी है। रंगोली और कोलाज मेकिंग प्रतियोगिता की निर्णायक सुश्री साक्षी वोहरा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में छात्रों की मौलिक रचनात्मकता को बचाए रखने पर जोर दिया। प्रतियोगिताओं के परिणामों की घोषणा करते हुए हिंदी विभाग की अध्यक्ष डॉ. सुरजीत कौर ने बताया कि पूर्णिमा ने निबंध लेखन और काव्य गोष्ठी में, इशमीत कौर ने कोलाज मेकिंग में और सुखमनप्रीत कौर ने रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रो. विशाल शर्मा, स. प्रीतम सिंह और हिंदी साहित्य सभा के विद्यार्थी अध्यक्ष को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. दीपक देवगन ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. तमिंदर सिंह, डॉ. देवेंद्र सिंह, डॉ. दलजीत सिंह, मैडम जसप्रीत कौर और मैडम सुपनिंदरजीत कौर सहित कई गणमान्य शिक्षक उपस्थित रहे।
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