जालंधर (अरोड़ा) :- हंसराज महिला महाविद्यालय, जालंधर के स्नातकोत्तर विभागों द्वारा नव शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ अवसर पर नवप्रवेशी छात्राओं के लिए हवन यज्ञ एवं ओरिएंटेशन समारोह का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को महाविद्यालय की समृद्ध शैक्षणिक परंपराओं, संस्थागत मूल्यों, अनुशासित वातावरण तथा उपलब्ध शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक सुविधाओं से परिचित कराना था। कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय संस्कृति एवं वैदिक परंपरा के अनुरूप हवन-यज्ञ से हुआ। इस अवसर पर डॉ ममता, डॉ. आशमीन कौर, डॉ. सीमा मरवाहा, डॉ गगनदीप मुख्य रूप से उपस्थित रहे । वैदिक मंत्रोच्चारण एवं भजन-गायन के बीच प्राचार्या, मुख्य अतिथि, प्राध्यापकगण, स्टाफ सदस्य एवं नवप्रवेशी छात्राओं ने यज्ञ में आहुति अर्पित कर नए शैक्षणिक सत्र के सफल, ज्ञानमय एवं मंगलमय होने की प्रार्थना की। संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा, सकारात्मकता एवं उत्साह से ओत-प्रोत हो उठा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्राचार्या डॉ. एकता खोसला उपस्थित रही। उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में छात्राओं को जीवन के इस नए चरण के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि स्नातकोत्तर शिक्षा विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास, शोध-दृष्टि एवं व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने छात्राओं को समय का सदुपयोग करने, ज्ञानार्जन को अपना लक्ष्य बनाने, नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने तथा समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सफलता का मार्ग अनुशासन, सतत परिश्रम और सकारात्मक सोच से ही प्रशस्त होता है। उन्होंने नवप्रवेशी छात्राओं का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि स्नातकोत्तर शिक्षा केवल उच्च डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ज्ञान के विस्तार, अनुसंधान, नवाचार, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व को विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि हंस राज महिला महाविद्यालय छात्राओं को उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक शोध सुविधाएँ, अनुभवी फैकल्टी , कौशल विकास, प्लेसमेंट एवं व्यक्तित्व विकास के विविध अवसर प्रदान करता है। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने लक्ष्य स्पष्ट रखें, प्रत्येक अवसर का भरपूर लाभ उठाएँ तथा शोध, नवाचार, सेमिनार, कार्यशालाओं, सांस्कृतिक, खेल एवं विस्तार गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छात्राएँ अपनी प्रतिभा, समर्पण एवं परिश्रम से महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँगी। ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों एवं प्रकोष्ठों के प्रभारी प्राध्यापकों ने छात्राओं को महाविद्यालय की नीतियों, सुविधाओं एवं छात्र कल्याण योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। डॉ. सीमा मरवाहा ने अवकाश नियम, पात्रता शर्तों एवं समय-सारिणी की जानकारी दी। बीनू गुप्ता ने छात्रवृत्तियों एवं अल्पकालिक पाठ्यक्रमों का परिचय कराया। डॉ. उर्वशी मिश्रा ने छात्र परिषद की भूमिका एवं गतिविधियों की जानकारी दी। डॉ. अशमीन कौर ने सामान्य परामर्श, मेंटरिंग प्रणाली एवं युवा कल्याण कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला। डॉ. रमनिता सैनी शारदा ने पुस्तकालय की आधुनिक सुविधाओं, ई-रिसोर्सेज तथा शोध संबंधी सेवाओं का परिचय कराया। श्री जगजीत भाटिया ने प्लेसमेंट, इंटर्नशिप एवं करियर के अवसरों के बारे में जानकारी दी। ले. सोनिया महिंद्रू ने एनसीसी की गतिविधियों एवं उसके महत्व से अवगत कराया। श्रीमती कुलजीत कौर ने एनएसएस, अनुशासन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व संबंधी कार्यक्रमों की जानकारी दी। सुश्री हरप्रीत कौर ने छात्र सहायता सेवाओं एवं छात्र कल्याण योजनाओं का परिचय कराया, जबकि डॉ. अनिल भसीन ने महाविद्यालय की परिवहन व्यवस्था एवं उससे संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश साझा किए। मंच संचालन डॉ अंजना भाटिया द्वारा किया गया । कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने महाविद्यालय की समृद्ध शैक्षणिक परंपरा, आधुनिक अधोसंरचना, अनुशासित वातावरण तथा विद्यार्थी-केंद्रित कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए उत्साह व्यक्त किया। इस अवसर पर सभी विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। यह ओरिएंटेशन एवं दीक्षाारंभ समारोह नवप्रवेशी छात्राओं के लिए प्रेरणादायी, ज्ञानवर्धक एवं अविस्मरणीय सिद्ध हुआ तथा नए शैक्षणिक सत्र की सफल शुरुआत का संदेश लेकर संपन्न हुआ।
Jiwanjot Savera