संस्कृति के॰एम॰वि॰स्कूल में तीन दिवसीय स्टेम, ए.आई. एवं रोबोटिक्स कार्यशाला का सफल आयोजन

जालंधर (अरोड़ा) :- संस्कृति के॰एम॰वि॰स्कूल में तीन दिवसीय स्टेम (STEM), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं रोबोटिक्स कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यशाला एवं प्रोजेक्ट मेकिंग सत्र का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को भविष्य की तकनीक तथा व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ना रहा। कार्यशाला के प्रथम दिवस केवल शिक्षकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर सीबीएसई के प्रसिद्ध रिसोर्स पर्सन एवं अकादमिक कोऑर्डिनेटर मृदुल झिंगन (मुख्य टीचर फैसिलिटेटर) तथा मुख्य प्रशिक्षक रुपिंदर सिंह (पीजीटी भौतिक विज्ञान, निशान अकादमी औलख एवं एटीएल फैसिलिटेटर, जवाहर नवोदय विद्यालय) ने विशेष रूप से सहभागिता की। उन्होंने नई शिक्षा नीति के अनुरूप ए.आई., स्टेम एवं रोबोटिक्स तकनीक को विद्यालय के पाठ्यक्रम में प्रभावी एवं रोचक ढंग से शामिल करने के महत्वपूर्ण उपायों से शिक्षकों परिचित करवाते हुए कहा किशिक्षण पद्धतियों में इस तकनीक की सहायता से बदलाव लाया जा सकता है।

इस कार्यशाला में विद्यालय की कक्षा आठवीं एवं नौवीं के विद्यार्थियों ने भी शिक्षकों के साथ पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। मुख्य प्रशिक्षक रुपिंदर सिंह के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने मिलकर विभिन्न रोबोटिक्स प्रोजेक्ट एवं कार्यशील मॉडल तैयार किए। इस दौरान
विद्यार्थियों ने कोडिंग, सेंसरों के उपयोग तथा रोबोट निर्माण की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की, वहीं शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों के साथ मिलकर परियोजनाएँ तैयार करते हुए आधुनिक तकनीक को निकट से समझा। विद्यार्थियों द्वारा प्रमुख प्रोजेक्ट टॉकिंग रोबोट, वायरलेस रोबोटिक कार, ई.वी.एम. मशीन, मानव शरीर में विद्युत प्रवाह का प्रदर्शन, स्मार्ट डस्टबिन, दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक, ऑटोमैटिक कार डिपर, वाइब्रेटिंग रोबोट तथा डिजिटल बेल सिस्टम तैयार किए गए।

शिक्षकों ने भी प्रमुख प्रोजेक्ट भूकंप सूचक यंत्र (अर्थक्वेक डिटेक्टर), गति सूचक यंत्र (मोशन डिटेक्टर), ट्रैफिक लाइट सिस्टम, ताली की आवाज़ से संचालित यंत्र (क्लैपिंग साउंड प्रोजेक्ट) तथा तापमान नियंत्रण प्रणाली (टेम्परेचर कंट्रोल सिस्टम) तैयार किए। इस अवसर पर विद्यालय की स्कूल प्रधानाचार्या रचना मोंगा जी ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के संयुक्त प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि, “आज का युग तकनीक एवं नवाचार का युग है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं नवाचार की सोच विकसित करना है। जिस प्रकार हमारे शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने मिलकर इस कार्यशाला में उत्कृष्ट परियोजनाएँ तैयार की हैं, वह अत्यंत प्रेरणादायक है। ‘रोबोटेक’ कंपनी द्वारा प्रदान किया गया यह व्यावहारिक प्रशिक्षण हमारे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।“

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