जालंधर (अरोड़ा) :- डी.ए.वी. यूनिवर्सिटी, जालंधर द्वारा “भारतीय दर्शन में जीवन और उसका उद्देश्य” विषय पर एक ज्ञानवर्धक सेमिनार सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह सेमिनार भारतीय ज्ञान प्रणाली केंद्र द्वारा कृषि विज्ञान संकाय, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग तथा बी.ए. आर्ट्स के सहयोग से आयोजित किया गया। प्रोग्राम की शुरुआत डॉ. राहुल कुमार, नोडल अफसर, सेंटर ऑफ़ इंडियन नॉलेज सिस्टम के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने आधुनिक समाज में सार्थक और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए भारतीय दर्शन के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता उमेंद्र दत्त, खेती विरासत मिशन के संस्थापक एवं कार्यकारी निदेशक ने अपने विचारों में बताया कि मनुष्य को अपना जीवन प्रकृति, नैतिकता और भारतीय परंपराओं के साथ जोड़कर जीना चाहिए। उनके विचारों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को प्रेरित किया कि वे टिकाऊ जीवन और मानव जीवन के वास्तविक उद्देश्य पर विचार करें।



यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. डॉ. मनोज कुमार ने अपने संबोधन में भारतीय ज्ञान प्रणाली केंद्र की इस पहल की सराहना की और विद्यार्थियों को पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ने के लिए प्रेरित किया। रजिस्ट्रार प्रो. डॉ. एस. के. अरोड़ा ने भी अपने विचार साझा करते हुए ऐसे सेमिनारों के महत्व पर जोर दिया। सेमिनार में भारतीय ज्ञान प्रणाली केंद्र के कई सदस्य, जिनमें डॉ. यशबीर सिंह (डायरेक्टर, स्पोर्ट्स), डॉ. अंजू पठानिया, डॉ. निधि शर्मा और डॉ. गिन्नी शर्मा के अलावा विभिन्न विभागों के शिक्षक और विद्यार्थी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन डॉ. अशुतोष भदौरिया द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ किया गया। उन्होंने मुख्य वक्ता, यूनिवर्सिटी प्रशासन, आयोजन टीम और केंद्र के सभी सदस्यों का धन्यवाद किया। यह सेमिनार विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक अच्छा मंच साबित हुआ और आज के समय में भारतीय ज्ञान परंपराओं के महत्व को और मजबूत किया।
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