जालंधर (मक्कड़) :- इनोसेंट हार्ट्स कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन के रेड रिबन क्लब ने गोद लिए गए गाँव लोहारन में ‘ड्रग की रोकथाम, कंट्रोल और इलाज के तरीकों’ पर एक अवेयरनेस सेमिनार ऑर्गनाइज़ किया। इस अवेयरनेस सेमिनार का मकसद गाँव वालों को ड्रग्स के खतरनाक असर के बारे में जागरूक करना और इलाज के लिए हेल्थ क्लिनिक जाने का उनका डर दूर करना था। गाँव वालों को ड्रग्स के गलत इस्तेमाल और लत के बुरे असर के बारे में शिक्षित किया गया। रेड रिबन क्लब के सभी मेंबर्स ने लाल रिबन पहने, लोगों को ड्रग्स के गलत इस्तेमाल और लत का इलाज दिलाने में मदद करने के लिए हेल्पलाइन नंबर दिखाने वाले पोस्टर और चार्ट बनाए। आरआरसी स्वयंसेवक, नेहा ने व्याख्यान की शुरुआत यह बताकर की कि कैसे नशीली ड्रग्स की लत अक्सर साथियों के दबाव या जिज्ञासा के कारण शुरू होती है और बाद में एक खतरनाक आदत बन जाती है। उन्होंने ड्रग्स की लत के बुरे असर पर ज़ोर दिया: लिवर, फेफड़ों और दिमाग को नुकसान जैसे शारीरिक असर, साथ ही एंग्जायटी, डिप्रेशन और कॉन्संट्रेशन में कमी जैसे साइकोलॉजिकल असर के बारे में जागरूक किया। आरआरसी मेंबर यास्मीन ने ड्रग्स के गलत इस्तेमाल के सामाजिक परिणामों पर ज़ोर दिया जैसे परिवार के रिश्ते टूटना, काम में खराब परफॉर्मेंस, किसी को क्रिमिनल ख्यालों की ओर ले जाना। प्रधानाचार्य डॉ. अरजिंदर सिंह ने एक बार भी नशीली ड्रग्स का प्रयोग न करने की सख्त चेतावनी दी, क्योंकि इसके खतरनाक परिणाम हो सकते हैं और जीवन भर पछताना पड़ सकता है। आरआरसी इंचार्ज तरुणज्योति कौर ने कानूनी नतीजों के बारे में बताया, और स्टूडेंट्स और गांववालों को ड्रग्स रखने और इस्तेमाल करने से जुड़े सख्त कानूनों और सज़ाओं के बारे में बताया।
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