जालंधर (अरोड़ा) :- राजेश्वरी कला संगम,एपीजे कॉलेज ऑफ़ फाइन आर्ट्स जालंधर की स्वर्ण जयंती एवं छठे राजेश्वरी कला-महोत्सव में लगा हुआ क्राफ्ट मेला सबके आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। एपीजे एजुकेशन, एपीजे सत्या एंड स्वर्ण ग्रुप की अध्यक्ष, एवं एपीजे सत्या यूनिवर्सिटी की चांसलर सुषमा पॉल बर्लिया ने कहा राजेश्वरी कला संगम की स्थापना ही भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को युवाओं तक पहुंचाने के लिए हुई थी, उन्होंने कहा कि एपीजे एजुकेशन के संस्थापक अध्यक्ष डॉ सत्यपाॅल की यह दृढ़ अवधारणा थी कि अगर हमारे विद्यार्थी अपनी विरासत से जुड़े रहेंगे तो उनमें मानवीय मूल्यों का समावेश स्वत: ही हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह क्राफ्ट मेला भारत की सांस्कृतिक विविधता एवं सौंदर्य की मुंह बोलती तस्वीर है। इस क्राफ्ट मेले में बिहार की मधुबनी के दुपट्टे साड़ियां,महाराष्ट्र की वरली आर्ट से संबंधित वॉल हैंगिंग, टेबल कवर, हिमाचल की मिनिएचर पेंटिंग, चंबा कढ़ाई, रुमाल, दुपट्टे, टेबल कवर एवं टोपिया, उड़ीसा की पारंपरिक एवं आधुनिक एप्लीक वर्क से सूसज्जित वॉल हैंगिंग, बैडशीट वेस्टकोट एवं पाल्म लीफ एनग्रेविंग वॉल हैंगिंग, बुकमार्क, पेंटिंग्स,टेबल मैटस,मध्य प्रदेश की गोंद आर्ट से बने हुए वॉल हैंगिंग, बुकमार्क, पेंटिंग्स, गुजरात की खरड़ वीविंग से बनी हुई दरिया,वॉल हैंगिंग, बनारस की मशरू कतान, प्योर हैंडलूम कतान, प्योर हैंडलूम कॉटन, मटका कॉटन,जॉर्जेट कॉटन, टसर सिल्क, चिनिया, चंदेरी एवं टिशु के सूट्स एवं साड़ियां, पटियाला पंजाब के के सूट्स, कुर्ते, बैगस, ज्वेलरी, पंजाब के खादी उद्योग की दरियां, दुपट्टे, कैरी बैग्स, धूप, अगरबत्ती, गुजरात के साड़िया, दुपट्टे एवं सूट्स के कपड़े, वेस्ट बंगाल के सूट्स, साड़ियां, कुर्ते, वॉल हैंगिंग बैड शीट्स, बनारस के मशहूर लकड़ी के खिलौने, पंजाब, होशियारपुर के वुड इनले से सुसज्जित लकड़ी के बॉक्सज़, एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स जालंधर के इंटीरियर डिजाइन के विद्यार्थियों द्वारा बनाया हुआ एंटीक फर्नीचर सोफा, ड्रेसिंग टेबल, चेयर्स जो कम जगह भी घेरते हैं और उनका अधिकाधिक प्रयोग भी किया जा सकता है।

फैशन डिजाइन के विद्यार्थियों ने ब्लॉक प्रिंट के सूट्स दुपट्टा, कुर्ता, कुशन कवर, हैंडमेड ज्यूलरी, डेकोरेशन का सामान, हेयर एसेसरीज, बीएफए की विद्यार्थियों ने हैंडमेड डूडल आर्ट, मंडला आर्ट, पीओपी वर्क से बने हुए डेकोरेशन के सामान को प्रदर्शित किया। इसके अलावा आर्टिफिशियल ज्वेलरी भी सबका मन मोह रही थी। इस क्राफ्ट मेंले के लिए सब 10:00 बजे से लेकर 7:00 तक कॉलेज में आकर इस क्राफ्ट में लेकर आनंद ले सकते हैं। कल शाम 7:00 बजे तक यह क्राफ्ट मेला सबके लिए खुला रहेगा। स्वर्ण जयंती के तीसरे दिन इंडियन क्लासिकल डांस की प्रतियोगिताएं भी करवाई गई जिसमें निर्णायक के रूप में लखनऊ घराने के प्रतिष्ठित कथक नर्तक गुरु सुभाष चंद्र जी एवं जयपुर घराने के प्रसिद्ध कत्थक नर्तक संजीत गंगानी उपस्थित हुए।

इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान लुधियाना से जयजीत कौर ने, द्वितीय स्थान जालंधर से गार्गी नट्टी ने, तृतीय स्थान दिल्ली से स्नेहा बिश्ट ने, पंजाब से हिमानी ने चतुर्थ एवं पावनी भल्ला ने पांचवा स्थान हासिल किया। इंडियन क्लासिकल नृत्य स्थान में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा को ₹10000 नगद, द्वितीय साल प्राप्त करने वाली छात्रा को ₹5000 नगद एवं तृतीय स्थान हासिल करने वाली छात्रा को ₹3000 नगद राशि का पुरस्कार दिया गया। एपीजे सत्या एंड स्वर्ण ग्रुप की को-ओनर एंड डायरेक्टर सत्या एंड स्वर्ण ग्रुप,प्रो चांसलर एपीजे सत्या यूनिवर्सिटी डॉ नेहा बर्लिया ने इस क्राफ्ट मेले का खूबसूरत आयोजन करने के लिए एपीजे एजुकेशन की निदेशक डॉ सुचरिता शर्मा एवं एपीजे कॉलेज आफ फाइन आर्ट्स जालंधर की प्राचार्य डॉक्टर नीरजा ढींगरा के प्रयासों की दिल खोलकर प्रशंसा की।
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